भाजपा झुग्गी वासियों को नमक वाली भूमि पर स्थानांतरित करने की योजना बना रही है: आदित्य ठाकरे |

भाजपा झुग्गी वासियों को नमक वाली भूमि पर स्थानांतरित करने की योजना बना रही है: आदित्य ठाकरे

भाजपा झुग्गी वासियों को नमक वाली भूमि पर स्थानांतरित करने की योजना बना रही है: आदित्य ठाकरे

:   Modified Date:  March 30, 2024 / 07:01 PM IST, Published Date : March 30, 2024/7:01 pm IST

मुंबई, 30 मार्च (भाषा) शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मुंबई से झुग्गियों को जबरन हटाने और उनमें रहने वाले लोगों को नमक से अटी पड़ी (साल्ट पैन लैंड) तटीय भूमि पर स्थानांतरित करने की योजना बनाने का आरोप लगाया।

ठाकरे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में मुंबई (उत्तर) लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की टिप्पणियों पर निशाना साधा।

एक मीडिया हाउस को दिये साक्षात्कार में गोयल ने कहा था कि अगर वह निर्वाचित होते हैं, तो वह एक ऐसी परियोजना पर काम करेंगे, जो इस निर्वाचन क्षेत्र को पूरी तरह से साफ कर देगी। इस क्षेत्र में मलाड, कांदिवली और बोरीवली जैसे उत्तरी उपनगर शामिल हैं।

गोयल ने झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्वास के लिए मुंबई में नमक से आच्छादित भूमि को पुनर्वितरित करने के विचार का स्वागत किया था।

ठाकरे ने कहा, ‘‘यह एक बहुत ही खतरनाक योजना है। जो लोग झुग्गियों में रहते हैं, उनकी आजीविका वहीं के आसपास चलती है। हम उन्हें (भाजपा को) झुग्गियों को ऐसे क्षेत्र में स्थानांतरित करने की उनकी योजना पर आगे नहीं बढ़ने देंगे।’

महाविकास आघाडी शासन में मंत्री रहे ठाकरे ने आरोप लगाया, ”भाजपा की नीति गरीबी को खत्म करने की नहीं, बल्कि गरीब लोगों को मिटाने की है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की चाल अपने ‘दोस्तों’ को सारे ‘नमक क्षेत्र’ देने की है और धारावी पुनर्विकास परियोजना का जिक्र किया, जिसके तहत उत्तर-पूर्वी मुंबई में ‘नमक क्षेत्र’ की कुछ भूमि पर कुछ निवासियों को बसाने का प्रस्ताव है।

ठाकरे ने कहा कि स्थानांतरण पर फैसला मुंबई के लोग करेंगे, केंद्र नहीं।

उन्होंने कहा कि जब एमवीए सरकार ने मेट्रो रेल कार शेड परियोजना के लिए संबंधित जमीन (साल्ट पैन लैंड) मांगी थी, तो केंद्र ने अनुमति देने से इनकार कर दिया।

भाषा सुरेश माधव

माधव

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

Flowers