भाजपा-आरएसएस ने अन्ना हजारे के आंदोलन के जरिए अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाया था: कांग्रेस

भाजपा-आरएसएस ने अन्ना हजारे के आंदोलन के जरिए अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाया था: कांग्रेस

भाजपा-आरएसएस ने अन्ना हजारे के आंदोलन के जरिए अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाया था: कांग्रेस
Modified Date: July 21, 2026 / 07:50 pm IST
Published Date: July 21, 2026 7:50 pm IST

मुंबई, 21 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा दिए गए बयान की मंगलवार को आलोचना की और दावा किया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के जरिए अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाया था।

फडणवीस ने कहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन में शामिल कई लोगों की चिंताएं वास्तविक हैं, लेकिन कुछ तत्व अपने ‘‘निहित स्वार्थों’’ के लिए प्रदर्शन में घुस गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने फडणवीस के बयान पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीट-यूजी प्रश्नपत्र और परीक्षा से जुड़े मुद्दों से निपटने में केंद्र सरकार की कथित विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

सपकाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अन्ना हजारे के आंदोलन की आड़ में भातरीय जनता पार्टी (भाजपा)-आरएसएस के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले लोग ही अब छात्रों के प्रदर्शनों के पीछे एजेंडा देख रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विरोध करने वालों को अक्सर ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’, ‘‘खालिस्तानी’’, ‘‘नक्सली’’ या ‘‘आंदोलनजीवी’’ करार देती है।

सपकाल ने सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और दावा किया कि नाबालिग सहित छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया।

उन्होंने सवाल किया कि क्या फडणवीस पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हैं और आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं का समाधान बातचीत के जरिए करने में विफल रही है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं के कथित कुप्रबंधन ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है।

सपकाल ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा पहले ही उठाया था और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में ‘‘छात्रों की गूंज’’ अभियान शुरू किया है।

मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस ने कहा कि फडणवीस का बयान केंद्र सरकार द्वारा लाखों छात्रों की चिंताओं का समाधान करने में विफल रहने से ध्यान हटाने के उद्देश्य से दिया गया है।

राजहंस ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सदाभाऊ खोत की कथित टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि खोत ने प्रदर्शनकारी छात्रों को ‘‘आतंकवादी’’ कहकर उनका अपमान किया है। उन्होंने मांग की कि खोत माफी मांगें।

भाषा अमित धीरज

धीरज


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