आदिवासी अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता: नायडू

आदिवासी अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता: नायडू

आदिवासी अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता: नायडू
Modified Date: July 21, 2026 / 02:28 pm IST
Published Date: July 21, 2026 2:28 pm IST

अमरावती, 21 जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि आदिवासी अधिकारों की रक्षा करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आदिवासी समुदायों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

सचिवालय में आदिवासी कल्याण पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘शासकीय आदेश संख्या 3’ पर उच्चतम न्यायालय के फैसले की समीक्षा की और आदिवासी समुदायों के लिए रोजगार के अवसरों और उनकी आकांक्षाओं पर चर्चा की।

नायडू ने कहा कि अविभाजित आंध्र प्रदेश में 2000 में जारी किया गया ‘शासकीय आदेश संख्या 3’, अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय अनुसूचित जनजाति (एसटी) के अभ्यर्थियों के लिए सरकारी नौकरियों में 100 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता था।

सोमवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में नायडू ने कहा, “आदिवासी अधिकारों की रक्षा करना मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और आदिवासी समुदायों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”

नायडू के अनुसार, पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 22 अप्रैल 2020 को ‘शासकीय आदेश संख्या 3’ को रद्द कर दिया था और इसके परिणामस्वरूप आदिवासी समुदाय उन लाभों से वंचित हो गए जो उन्हें लगभग 20 वर्षों से मिल रहे थे।

उन्होंने कहा कि युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार ने न्यायालय में न तो इस आदेश का पुरजोर तरीके से बचाव किया और न ही फैसले के बाद आदिवासी समुदायों के हितों की रक्षा के लिए कोई सार्थक कदम उठाया।

भाषा

खारी सुभाष

सुभाष


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