बीएमसी ने बांद्रा के फुटबॉल मैदान को कन्वेंशन सेंटर में बदल दिया: आदित्य ठाकरे

बीएमसी ने बांद्रा के फुटबॉल मैदान को कन्वेंशन सेंटर में बदल दिया: आदित्य ठाकरे

बीएमसी ने बांद्रा के फुटबॉल मैदान को कन्वेंशन सेंटर में बदल दिया: आदित्य ठाकरे
Modified Date: June 26, 2026 / 05:17 pm IST
Published Date: June 26, 2026 5:17 pm IST

मुंबई, 26 जून (भाषा) शिवसेना- उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मुंबई में ‘खेलों को खत्म करने पर आमादा’ होने का आरोप लगाया और दावा किया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने उपनगरीय बांद्रा स्थित एक फुटबॉल मैदान को कन्वेंशन सेंटर में बदल दिया है।

आदित्य ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि बांद्रा पश्चिम स्थित नेविल डी सूजा फुटबॉल मैदान के इस्तेमाल से मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन (एमएफए) को रोका जा रहा है ताकि वहां एक व्यावसायिक ढांचे के निर्माण का रास्ता साफ किया जा सके।

उन्होंने कहा कि पिछले नौ साल में इस मैदान ने हजारों खिलाड़ियों और कई टूर्नामेंटों की मेजबानी की है।

पूर्व मंत्री ने कहा, “भाजपा शासित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने राज्य की भाजपा सरकार के निर्देशों पर बांद्रा पश्चिम स्थित नेविल डी सूजा फुटबॉल मैदान को अब कन्वेंशन सेंटर के लिए आरक्षित क्षेत्र में बदल दिया है।”

उन्होंने कहा, “एक ठेकेदार को उसका पैसा मिलेगा, एक बिल्डर को स्थान का लाभ मिलेगा और कन्वेंशन सेंटर को किसी भाजपा नेता का नाम मिलेगा।”

मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन (एमएफए) के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने इसके लिए भाजपा की नीतियों को भी जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, “अगर आप यह सोच रहे हैं कि 1.4 अरब से अधिक आबादी होने के बावजूद भारत फीफा विश्व कप में क्यों नहीं खेल रहा है, जबकि हमारे सबसे छोटे शहरों से भी कम आबादी वाले देश इसमें खेल रहे हैं, तो अब हैरान होना छोड़ दीजिए।”

आदित्य ने कहा कि बांद्रा पश्चिम में कन्वेंशन सेंटर बनने के बाद यातायात और बढ़ जाएगा।

उन्होंने कहा, “भाजपा से जुड़े ठेकेदार और बिल्डर भले ही खुशी से मुस्कुराएंगे लेकिन बच्चों से उनका खेल का मैदान छिन जाएगा और बांद्रा के हिस्से में एक और यातायात जाम आएगा।”

आदित्य ने कहा, “मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन के तौर पर हमें अब अन्य मैदानों के इस्तेमाल के लिए शुल्क चुकाना पड़ेगा क्योंकि सरकार मुंबई में खेलों को खत्म करने पर आमादा है। मनोरंजन और खेल के मैदानों को मनमाने ढंग से ऐसे ढांचों में बदला जा रहा है, जहां प्रवेश नियंत्रित और टिकट आधारित होता है।”

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


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