बीएमसी चुनाव: कांग्रेस से उत्तर भारतीयों के लिए अलग से जारी ‘घोषणापत्र’ को वापस लेने की मांग

बीएमसी चुनाव: कांग्रेस से उत्तर भारतीयों के लिए अलग से जारी ‘घोषणापत्र’ को वापस लेने की मांग

बीएमसी चुनाव: कांग्रेस से उत्तर भारतीयों के लिए अलग से जारी ‘घोषणापत्र’ को वापस लेने की मांग
Modified Date: January 2, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: January 2, 2026 6:59 pm IST

मुंबई, दो जनवरी (भाषा) मराठी अभ्यास केंद्र ने शुक्रवार को कांग्रेस से 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए उत्तर भारतीयों के वास्ते अलग से जारी किए गए घोषणापत्र को वापस लेने की मांग की।

संगठन ने धमकी दी कि अगर कांग्रेस ऐसा करने में विफल रहती है, तो उसके सदस्य संबंधित दस्तावेज की प्रतियां जलाएंगे।

मराठी अभ्यास केंद्र के अध्यक्ष दीपक पवार ने मुंबई मराठी पत्रकार संघ में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह कदम “गैर-मराठी समूहों के तुष्टीकरण” के बराबर है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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सम्मेलन में संगठन ने ‘मराठीनामा’ शीर्षक से अपना एक दस्तावेज भी जारी किया, जो मराठी उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने, मराठी माध्यम के स्कूलों की सुरक्षा और मराठी भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण पर केंद्रित है।

कांग्रेस ने पिछले महीने बीएमसी चुनावों से पहले अपने घोषणापत्र के प्रमुख बिंदुओं की घोषणा की थी। इसमें छठ पूजा के लिए स्थायी विसर्जन तालाबों से लेकर उत्तर भारतीयों की गरिमा और आजीविका की सुरक्षा, साथ ही एक पारदर्शी फेरीवाला नीति सहित अन्य उपायों का वादा किया गया था।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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