बीएमसी चुनाव: जद(एस) ने नामांकन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत वापस ली,नार्वेकर ने आरोप खारिज किए

बीएमसी चुनाव: जद(एस) ने नामांकन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत वापस ली,नार्वेकर ने आरोप खारिज किए

बीएमसी चुनाव: जद(एस) ने नामांकन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत वापस ली,नार्वेकर ने आरोप खारिज किए
Modified Date: January 5, 2026 / 07:55 pm IST
Published Date: January 5, 2026 7:55 pm IST

मुंबई, पांच जनवरी (भाषा) जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) ने आगामी बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए कोलाबा क्षेत्र में नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ दायर शिकायत वापस ले ली है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर महानगरपालिका चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने, नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और इस प्रक्रिया से जुड़े सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

हालांकि, दक्षिण मुंबई के कोलाबा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक नार्वेकर ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” और “राजनीति से प्रेरित” बताकर खारिज कर दिया है।

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इस बीच, जद(एस) के पूर्व सांसद हरिभाऊ राठौड़ ने कहा कि वह नार्वेकर के खिलाफ अपनी व्यक्तिगत शिकायत बरकरार रखेंगे।

राठौड़ का आरोप है कि जब वह पिछले साल 30 दिसंबर को अपने बेटे के नामांकन के लिए उसके साथ गए थो, तो नार्वेकर ने उनकी उपस्थिति पर आपत्ति जताई थी।

यह विवाद कोलाबा निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड 225, 226 और 227 से संबंधित है, जहां से नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवालकर और भाभी हर्षिता शिवालकर आगामी बीएमसी चुनाव लड़ रहे हैं।

विपक्षी दलों के कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था, ताकि नार्वेकर के रिश्तेदारों की निर्विरोध जीत सुनिश्चित की जा सके।

जद(एस) ने स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ दायर शिकायत में आरोप लगाया था कि उन्होंने कोलाबा के विभिन्न वार्ड के लिए पार्टी के उम्मीदवारों को उनके नामांकन पत्र दाखिल करने की अनुमति नहीं दी।

इसी बीच, विभिन्न विपक्षी दलों ने नार्वेकर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने, नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और इस प्रक्रिया से जुड़े सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया।

नार्वेकर ने ताजा घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जद(एस) ने अपनी शिकायत उस समय वापस ले ली, जब उसके तीन उम्मीदवारों में से दो के नामांकन पत्र स्वीकार कर लिए गए।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “पार्टी ने खुद राज्य निर्वाचन आयुक्त को सूचित किया कि वह अपनी शिकायत वापस ले रही है, क्योंकि तीन में से दो नामांकन स्वीकार कर लिए गए हैं।”

नार्वेकर ने आरोप लगाया कि जद(एस) को अपने उम्मीदवारों के नामांकन की स्थिति की जानकारी ही नहीं थी और वह शिकायत दर्ज कराकर उनके खिलाफ एक “झूठा विमर्श” गढ़ने की कोशिश कर रही थी।

उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर और अधिक चर्चा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनावों के लिए प्रचार जारी है। उम्मीदवारों ने निर्धारित प्रारूप में अपने नामांकन पत्र जमा कर दिए हैं और उनकी जांच पूरी हो चुकी है।”

पूर्व सांसद राठौड़ के इस दावे के बारे में पूछे जाने पर कि उनकी निजी शिकायत अभी भी लंबित है, नार्वेकर ने कहा, “जो भी शिकायत दर्ज कराई जाएगी, संबंधित अधिकारी उसकी जांच करेंगे। अगर शिकायत में कोई तथ्य नहीं पाए जाते हैं, जो कि वास्तविकता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।”

नार्वेकर ने उन्हें निलंबित करने की शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मांग के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह ऐसी टिप्पणियों पर ध्यान ही नहीं देते।

उन्होंने कहा, “कुछ पुराने जख्म होते हैं, जो सर्दियों में और भी ज्यादा दर्द देते हैं।”

इस बीच, राठौड़ ने नार्वेकर पर खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “नार्वेकर ने पहले गलती की और अब वह (निर्वाचन अधिकारियों के) कार्यालय परिसर में मौजूद होने के लिए मुझे दोषी ठहरा रहे हैं। यह स्पष्ट है कि वह अधिकारियों पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे थे।”

राठौड़ ने नार्वेकर पर उन्हें धमकाने और सरकारी कर्मचारियों पर दबाव डालने का आरोप लगाया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।

जद(एस) नेता ने दावा किया, “नार्वेकर 30 दिसंबर को शाम पांच बजे तक निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में रहे और अधिकारियों को नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया धीमी करने का निर्देश दिया। नार्वेकर की कई टिप्पणियां और कथित धमकियां रिकॉर्ड में दर्ज हैं।”

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने भी नार्वेकर पर उम्मीदवारों को धमकाने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया, “विधानसभा अध्यक्ष यह सुनिश्चित करने के लिए वहां मौजूद थे कि विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वीकार न किए जाएं।”

राउत ने पूछा कि क्या विधानसभा अध्यक्ष का व्यवहार उचित था? उन्होंने सवाल किया कि रिपोर्ट में इस बात का जिक्र क्यों नहीं किया गया कि विधानसभा अध्यक्ष ने निर्वाचन अधिकारी पर दबाव डाला था?

राउत ने दावा किया कि निर्वाचन अधिकारी को मामले में “बलि का बकरा” बनाया जाएगा।

महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा, जबकि वोटों की गिनती 16 जनवरी को की जाएगी।

भाषा पारुल संतोष

संतोष


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