बंबई उच्च न्यायालय ने आईएनएस शिकरा के नजदीक बहुमंजिला इमारत बनने पर अधिकारियों से नाराजगी जताई

बंबई उच्च न्यायालय ने आईएनएस शिकरा के नजदीक बहुमंजिला इमारत बनने पर अधिकारियों से नाराजगी जताई

बंबई उच्च न्यायालय ने आईएनएस शिकरा के नजदीक बहुमंजिला इमारत बनने पर अधिकारियों से नाराजगी जताई
Modified Date: February 18, 2026 / 10:41 pm IST
Published Date: February 18, 2026 10:41 pm IST

मुंबई, 18 फरवरी (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को नौसेना के अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि क्या अधिकारी उस समय ‘सो रहे थे’ जब दक्षिण मुंबई में नौसेना के प्रमुख अड्डे आईएनएस शिकरा के पास 23 मंजिला इमारत का निर्माण शुरू हुआ था।

न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति अभय मंत्री की पीठ ने यह नाराजगी आईएनएस शिकरा के कमांडिंग ऑफिसर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जताई। नौसेना ने याचिका में संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठान को गंभीर सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए परियोजना को रोकने का अनुरोध किया है।

अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल किया, ‘‘क्या आप इस पूरे समय सो रहे थे?’’

पीठ ने पूछा कि आखिर इस निर्माण की अनुमति क्यों दी गई, नौसेना के अनुसार जो 2021 में शुरू हुआ था।

उच्च न्यायालय ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शहर दौरे से पहले सुरक्षा संबंधी तत्काल चिंताओं का हवाला देते हुए निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया था।

नौसेना का पक्ष रख रहे अधिवक्ता आर.वी. गोविलकर ने बुधवार को कहा कि उस क्षेत्र में 53.07 मीटर तक निर्माण की अनुमति है।

पीठ ने कहा कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं से अवगत होते हुए भी वह इस ऊंचाई तक निर्माण की अनुमति देने वाला अंतरिम आदेश पारित कर सकती है। उसने मामले की आगे की सुनवाई शुक्रवार को करना तय किया।

उच्च न्यायालय ने हालांकि यह भी कहा कि नौसेना के अधिकारियों को अधिक सतर्क रहना चाहिए था।

न्यायमूर्ति घुगे ने कहा, ‘‘क्या आप इस पूरे समय सो रहे थे…? नौसेना को अधिक सतर्क रहना चाहिए था। आपको नियमित रूप से सैन्य अड्डे के आसपास के क्षेत्र की निगरानी करनी चाहिए थी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इस तरह के निर्माण कार्य न हों।’’

भाषा धीरज वैभव

वैभव


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