शिवाजी-टीपू सुल्तान पर टिप्पणी कर सपकाल ने भाजपा को बेवजह का मुद्दा दे दिया: शिवसेना (उबाठा)

शिवाजी-टीपू सुल्तान पर टिप्पणी कर सपकाल ने भाजपा को बेवजह का मुद्दा दे दिया: शिवसेना (उबाठा)

शिवाजी-टीपू सुल्तान पर टिप्पणी कर सपकाल ने भाजपा को बेवजह का मुद्दा दे दिया: शिवसेना (उबाठा)
Modified Date: February 16, 2026 / 06:00 pm IST
Published Date: February 16, 2026 6:00 pm IST

मुंबई, 16 फरवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करके भाजपा को बेवजह का मुद्दा दे दिया है।

शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में, उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने कहा कि भाजपा ने हमेशा की तरह टीपू सुल्तान विवाद को हिंदू-मुस्लिम रंग दे दिया है।

संपादकीय में दावा किया गया कि टीपू सुल्तान को पाकिस्तान में नायक माना जाता है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की अनुमति देने को निंदनीय नहीं मानती।

शनिवार को मालेगांव महानगरपालिका के उप महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में, मैसूर के 18वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान के चित्र को लेकर विवाद पैदा हो गया। चित्र लगाये जाने का शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने विरोध किया।

छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और उनके द्वारा ‘स्वराज्य’ की अवधारणा को प्रस्तुत करने के तरीके का उल्लेख करते हुए, सपकाल ने अंग्रेजों के विरुद्ध टीपू सुल्तान के संग्राम के आह्वान का उदाहरण दिया और दावा किया कि यह भी उसी तर्ज पर किया गया था।

संपादकीय के अनुसार, ‘‘टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी से करना निंदनीय है।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी से करके हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा को बेवजह का मुद्दा दे दिया है।’’

शिवसेना (उबाठा) ने कहा कि भाजपा ने अतीत में कई बार टीपू सुल्तान के प्रति सम्मान व्यक्त किया है और अब उसने अपने लिए ही गड्ढा खोद लिया है।

पार्टी ने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल ने टीपू सुल्तान के नाम पर एक सड़क का नाम रखने का प्रस्ताव भी किया था।

इसी से संबंधित एक घटनाक्रम में, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी शिवसेना (उबाठा) की भावना का समर्थन करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी और टीपू सुल्तान की तुलना नहीं की जा सकती।

शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के देवता हैं और हम उनके सिद्धांतों का अनुसरण करते हैं। मैं उन लोगों की निंदा करता हूं जो छत्रपति शिवाजी और टीपू सुल्तान की तुलना करने का प्रयास कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे के जरिए वोट बैंक की राजनीति करने और समाज में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाये रखेगी।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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