मराठा जाति प्रमाण पत्र के लिए 10 सितंबर से लगेंगे शिविर, 58 लाख रिकॉर्ड प्रदर्शित करेंगे : विखे पाटिल
मराठा जाति प्रमाण पत्र के लिए 10 सितंबर से लगेंगे शिविर, 58 लाख रिकॉर्ड प्रदर्शित करेंगे : विखे पाटिल
मुंबई, सात सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने सोमवार को कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे की अध्यक्ष में गठित समिति द्वारा तलाश किये गए 58 लाख रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित किये जाएंगे और मराठा समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज जुटाने में मदद के लिए 10 से 17 सितंबर तक शिविर लगाए जाएंगे।
राज्य सरकार द्वारा मराठा आरक्षण को लेकर गठित उप-समिति के अध्यक्ष विपाटिल ने संभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उचित समन्वय सुनिश्चित करें और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लें।
मंत्री मराठवाड़ा के धाराशिव, बीड, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, हिंगोली, लातूर और जालना जिलों के जिलाधिकारियों और अप संभागीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में मराठा आरक्षण के मुद्दे पर किए गए फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
उन्होंने जाति सत्यापन प्रमाण-पत्र जारी करने, कुनबी रिकॉर्ड का पता लगाने और प्राप्त आवेदनों से जुड़े जिलेवार आंकड़ों की समीक्षा की।
जिलाधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई और लागू किए गए उपायों का विवरण मंत्री के समक्ष रखा।
विखे पाटिल ने कहा कि परभणी जिला कलेक्ट्रेट ने मिले सभी दस्तावेज प्रकाशित कर दिए हैं और दूसरे जिलों को भी ऐसा ही करने और अपनी वेबसाइट पर विवरण प्रकाशित करने का निर्देश दिया।
विखे पाटिल ने कहा कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त)शिंदे समिति द्वारा तलाशे गए 58 लाख रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित किये जाएंगे।
साथ ही, उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि 10 से 17 सितंबर तक शिविर लगाने के लिए उचित इंतज़ाम किए जाएं, ताकि मराठा समुदाय के लोग प्रमाण पत्र के लिए जरूरी कागज़ी कार्रवाई पूरी कर सकें।
उन्होंने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार प्रमाण पत्र जारी करते समय कानून का पालन करेगी।
उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में लगभग 3.5 लाख कुनबी प्रमाण-पत्र वितरित किये गए हैं और पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र जारी करते समय नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
विखे पाटिल ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा सरकार पर मराठा आरक्षण को लेकर केवल आश्वासन देने के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि पिछले आंदोलन के दौरान सामने रखे गए अधिकतर मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है और बाकी मांगों पर आगे का रास्ता निकालने की कोशिशें जारी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे के साथ बातचीत करेगी, जो जालना में अनशन कर रहे हैं।
भाषा धीरज अविनाश रंजन
रंजन

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