केंद्र सरकार ने चुनाव के दौरान स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया: शरद पवार
केंद्र सरकार ने चुनाव के दौरान स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया: शरद पवार
पुणे, 14 मई (भाषा) राकांपा (शप) के अध्यक्ष शरद पवार ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने को लेकर बृहस्पतिवार को चिंता व्यक्त की और कहा कि केंद्र सरकार ने चार राज्यों में विधानसभा चुनावों के दौरान स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया।
पवार ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन की खपत कम करने और अन्य मितव्ययिता उपायों को अपनाने की अपील को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की अपील पर पूरे देश में व्यापक चर्चा हो रही है और इसे गंभीरता से लिये जाने की जरूरत है… प्रधानमंत्री ने संकेत दिया है कि अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ेगा।’’
पवार ने लोगों से सरकार के साथ सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि ये घोषणाएं चुनाव के बाद ही की गई हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘रुपये का मूल्य गिर रहा है, हमें यह सोचने की जरूरत है कि ऐसा क्यों हो रहा है। ये निर्णय चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद लिए गए। चुनाव के दौरान देश के नेतृत्व ने यह गंभीरता नहीं दिखाई।’’
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले और कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तर 95.73 पर रहा।
पवार ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपने मितव्ययिता उपायों का प्रचार करने वाले मंत्रियों पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह से ही मैंने लोगों को देखा है, वे कार्यालय जाने के लिए मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर रहे हैं, कुछ लोग पैदल भी जा रहे हैं। एक व्यक्ति ने तो सार्वजनिक रूप से यह भी कहा कि वह मंत्री हैं और उन्होंने अपनी कारों का इस्तेमाल कम कर दिया है। मुझे बहुत हैरानी हुई, पहले उनके पास 17 कार थीं और अब उनकी संख्या घटकर आठ रह गई है।’’
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बृहस्पतिवार को मोटरसाइकिल से विधान भवन पहुंचे जबकि मंत्री नितेश राणे पैदल चलकर राज्य सचिवालय गये।
नीट प्रश्नपत्र लीक के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और इससे पता चलता है कि व्यवस्था कैसे विफल हो रही है।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश

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