रूस से तेल खरीद पर शुल्क लगाने की अमेरिकी धमकी के असर की जानकारी दे केंद्र: राकांपा (शप)
रूस से तेल खरीद पर शुल्क लगाने की अमेरिकी धमकी के असर की जानकारी दे केंद्र: राकांपा (शप)
मुंबई, 19 सितंबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार (शप) ने शनिवार को केंद्र सरकार से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की अनुमति देने वाले अमेरिका के नए कानून से भारत पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव के आकलन से जुड़े विस्तृत ब्योरा को सार्वजनिक करने की मांग की।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता महेश तपासे ने द्विपक्षीय कूटनीतिक संबंधों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया और चेतावनी दी कि वाशिंगटन के दबाव में रूस से तेल आयात कम करने से नागरिकों पर ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी के रूप में आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को ‘सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट’ पर हस्ताक्षर किए थे।
इस कानून के तहत मास्को और उसके प्रमुख ऊर्जा खरीदारों, जैसे चीन और भारत, पर भारी शुल्क लगाने का प्रावधान है।
तपासे ने एक बयान में कहा, “एक बार फिर नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच प्रचारित की गई ‘व्यक्तिगत दोस्ती’ खोखली साबित हुई है।”
उन्होंने कहा, “मोदी, वाशिंगटन के साथ एक स्थायी और बाध्यकारी व्यापार समझौता हासिल करने में विफल रहे हैं। एक बार फिर भारत को नई अनिश्चितता की ओर धकेल दिया गया है। इस बार हर भारतीय निर्यातक पर 100 प्रतिशत तक शुल्क की तलवार लटक रही है।”
राकांपा (शप) नेता ने कहा कि रूस का कच्चा तेल अब भी भारत के तेल आयात में एक बड़ा हिस्सा बना हुआ है।
उन्होंने कहा, “अगर नयी दिल्ली को अब अमेरिका के दबाव में इन खरीद को कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा, तो आम नागरिकों को ईंधन की ऊंची कीमतों का बोझ उठाना पड़ेगा। मोदी सरकार निश्चित रूप से देश को अंधेरे में नहीं रख सकती।”
पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त एवं विदेश मंत्रालयों को अमेरिकी कदम के संभावित प्रभाव को स्पष्ट करना चाहिए।
तपासे ने पूछा कि 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाए जाने की आशंका के बीच सरकार ने अमेरिका बाजार पर निर्भर भारतीय निर्यातकों और रोजगार की सुरक्षा के लिए कौन से ठोस व समयबद्ध कदम उठाए हैं।
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि अगर भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद कम करता है तो सस्ते वैकल्पिक स्रोतों को सुरक्षित करने के लिए सरकार की आकस्मिक योजना क्या है।
राकांपा (शप) के प्रवक्ता ने शुल्क संबंधी धमकी के क्षेत्रवार प्रभाव का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि देश की आर्थिक स्थिति को समझने के लिए जनता को विदेशी मीडिया रिपोर्टों पर निर्भर न रहना पड़े।
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष

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