अमरावती विधेयक का लोकसभा में पारित होना गौरव का पल : चंद्रबाबू नायडू
अमरावती विधेयक का लोकसभा में पारित होना गौरव का पल : चंद्रबाबू नायडू
(तस्वीर के साथ)
अमरावती, एक अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को लोकसभा में अमरावती विधेयक के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे लोगों के लिए गौरव का पल बताया।
लोकसभा ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने वाला आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 बुधवार को पारित कर दिया।
नायडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इस विधेयक का पारित होना गौरव का पल है। यह किसानों के बलिदानों और लोगों की आकांक्षाओं को मान्यता देने वाला कदम है। अमरावती के भविष्य को लेकर जो अनिश्चितता थी, वह अब हमेशा के लिए दूर हो गई है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरावती आंध्र प्रदेश के लोगों के आत्मसम्मान का प्रतीक है और संसद के माध्यम से इसे कानूनी दर्जा प्रदान किया जाना वर्षों की अनिश्चितता के बाद करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है।
नायडू ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी की पिछली सरकार के राज में कायम “अंधेरा” अब छट गया है। उन्होंने अमरावती विधेयक के पारित होने को नये आत्मविश्वास के साथ ‘स्वर्ण आंध्र’ के निर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
उन्होंने कहा कि अमरावती अब अजेय है और इसे एक विश्व-स्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नियोजित विकास के जरिये वैश्विक मानचित्र पर अमरावती की एक विशिष्ट पहचान बनेगी।
नायडू ने राज्य को लगातार समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।
आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने भी अमरावती विधेयक के पारित होने की सराहना करते हुए इस घटनाक्रम को राज्य के लोगों के लिए एक “ऐतिहासिक पल” बताया।
लोकेश ने कहा कि यह फैसला वर्षों के संघर्ष और अनिश्चितता के बाद राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करता है।
मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “यह आंध्र प्रदेश के पांच करोड़ लोगों की आकांक्षा थी कि इस विधेयक को मंजूरी मिले-यह अमरावती की जीत है-लोगों की जीत है-संघर्ष का फल है।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आंध्र प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पीवीएन माधव ने भी लोकसभा में अमरावती विधेयक के पारित होने का स्वागत किया। उन्होंने इसे 2014 में (तत्कालीन अविभाजित आंध्र प्रदेश) विभाजन के बाद से उत्पन्न हो रही राजधानी संबंधी समस्याओं का एक स्थायी समाधान बताते हुए कहा कि यह आर्थिक संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा।
इस बीच, लोकेश के बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली की यात्रा करने की उम्मीद है, जहां वह राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगे।
इसके अलावा, अमरावती विधेयक पारित होने पर आंध्र प्रदेश की जनता की ओर से आभार जताने के लिए उनके प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह से भी मिलने की संभावना है।
भाषा पारुल देवेंद्र
देवेंद्र

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