कांग्रेस ने महाराष्ट्र-सीईटी में अनियमितताओं का आरोप लगाया, जांच की मांग की
कांग्रेस ने महाराष्ट्र-सीईटी में अनियमितताओं का आरोप लगाया, जांच की मांग की
मुंबई, 27 मई (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने पिछले साल संपन्न महाराष्ट्र सामान्य प्रवेश परीक्षा (एमएचटी-सीईटी) में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्च-स्तरीय जांच की बुधवार को मांग की।
पार्टी प्रवक्ता सचिन सावंत ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं में कम अंक हासिल करने वाले कई छात्रों ने एमएचटी-सीईटी में असाधारण रूप से बहुत ज्यादा अंक प्राप्त किए।
एमएचटी-सीईटी इंजीनियरिंग, फार्मेसी और कृषि जैसे स्नातक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली एक राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्कूल परीक्षाओं में 35 से 40 फीसदी अंक हासिल करने वाले कम से कम 22 छात्रों ने 2025-26 में संपन्न एमएचटी-सीईटी परीक्षा में 100 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त किए।
सावंत ने कहा कि कक्षा 10 में 37 फीसदी अंक हासिल करने वाले एक छात्र ने एमएचटी-सीईटी में 99.97 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त किए, जबकि कक्षा 12 में 51 प्रतिशत, 45 प्रतिशत और 39 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त किए।
उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल करने वाले छात्रों के गणित के अंकों में भी विसंगतियों का आरोप लगाया।
सावंत ने दावा किया, “बोर्ड परीक्षाओं में पीसीएम (भौतिकी, रसायन शास्त्र और गणित) में कुल मिलाकर केवल 39 फीसदी अंक हासिल करने वाले एक छात्र ने सीईटी गणित में 100 पर्सेंटाइल हासिल किए। शीर्ष 20 स्थान हासिल करने वाले छात्रों में से 10 ने सीईटी गणित में पूर्ण अंक प्राप्त किए, जबकि बोर्ड परीक्षा में उन्हें गणित में 35 से 97 के बीच अंक मिले थे।”
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के चलते रद्द की गई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) में शामिल विषय विशेषज्ञ एमएचटी-सीईटी में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के पीछे भी हो सकते हैं।
उन्होंने एमएचटी-सीईटी आयोजित करने वाली संस्था से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की।
सावंत ने कहा, “उन परीक्षाओं की विश्वसनीयता एवं शुचिता की रक्षा की जानी चाहिए, जिन पर छात्रों का भविष्य टिका हुआ है। मामले की गहन जांच की जरूरत है।”
हालांकि, राज्य सामान्य प्रवेश परीक्षा प्रकोष्ठ ने दावा किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं थी।
भाषा पारुल मनीषा
मनीषा

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