अदालत ने यौन उत्पीड़न पीड़िता की बाल अभिरक्षा हत्यारोपी मां को सौंपी

अदालत ने यौन उत्पीड़न पीड़िता की बाल अभिरक्षा हत्यारोपी मां को सौंपी

अदालत ने यौन उत्पीड़न पीड़िता की बाल अभिरक्षा हत्यारोपी मां को सौंपी
Modified Date: June 11, 2026 / 03:27 pm IST
Published Date: June 11, 2026 3:27 pm IST

मुंबई, 11 जून (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने यौन उत्पीड़न की शिकार 12 वर्षीय एक लड़की की अभिरक्षा उसकी मां को सौंप दी है। पीड़िता की मां पर अपने प्रेमी की मदद से पति की हत्या करने का आरोप है।

अदालत ने कहा कि लड़की को उसकी मां को सौंपना लड़की के हित में है।

लड़की अपने पिता की हत्या के मामले में मुख्य गवाह भी है।

न्यायमूर्ति सारंग कोटवाल और न्यायमूर्ति आशीष चव्हाण की पीठ ने मंगलवार को दिए आदेश में कहा कि पिछले साल अपनी मां की गिरफ्तारी के बाद जब लड़की अपने पिता के परिवार वालों के साथ रह रही थी, तो उसके चाचा ने कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया था, इसलिए ‘‘मानसिक सहारे के लिए उसका अपनी मां के साथ रहना ही उसके हित में होगा’’।

महिला ने अपनी बेटी की बाल अभिरक्षा के लिए याचिका दायर की थी। पति की हत्या के आरोप में महिला की गिरफ्तारी के बाद उसकी बेटी अपनी चाची के साथ रह रही थी।

महिला ने कहा कि जमानत मिलने के बाद उसके दो नाबालिग बच्चों की अभिरक्षा उसे सौंप दी जाए, न कि उसकी बड़ी बेटी को।

अदालत ने गौर किया कि हत्या के मामले में मुख्य गवाह होने के बावजूद बेटी अपनी मां के साथ रहना चाहती है।

भाषा शफीक नरेश

नरेश


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