मंत्रालय की कैंटीन को एफडीए का स्वच्छता प्रमाणपत्र मिलने पर अदालत ने सवाल उठाए, निष्पक्ष रवैया अपनाने को कहा

मंत्रालय की कैंटीन को एफडीए का स्वच्छता प्रमाणपत्र मिलने पर अदालत ने सवाल उठाए, निष्पक्ष रवैया अपनाने को कहा

मंत्रालय की कैंटीन को एफडीए का स्वच्छता प्रमाणपत्र मिलने पर अदालत ने सवाल उठाए, निष्पक्ष रवैया अपनाने को कहा
Modified Date: July 31, 2026 / 03:36 pm IST
Published Date: July 31, 2026 3:36 pm IST

मुंबई, 31 जुलाई (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को होटलों और भोजनालयों (जिनमें सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों द्वारा चलाए जा रहे होटल और भोजनालय भी शामिल हैं) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में ‘निष्पक्ष, तटस्थ और एकसमान’ रवैया अपनाना चाहिए।

उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी मंत्रालय (राज्य सचिवालय) की कैंटीन को एफडीए द्वारा दिए गए ‘98 प्रतिशत स्वच्छता’ संबंधी प्रमाणपत्र पर सवाल उठाते हुए की।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने चार वकीलों की एक टीम को तुरंत मंत्रालय कैंटीन का दौरा करके निरीक्षण करने तथा अपराह्न तक वहां की स्थिति के बारे में अदालत को सूचित करने का आदेश दिया।

एफडीए ने अदालत में एक चार्ट पेश किया जिसमें सभी भोजनालयों और कैंटीनों का विवरण था, जिनमें अदालत परिसर और मंत्रालय में मौजूद तीन कैंटीन के साथ-साथ शहर भर के निजी क्लब भी शामिल थे।

चार्ट के अनुसार, मंत्रालय कैंटीन को साफ-सफाई के मामले में 98 प्रतिशत अंक मिले हैं।

अदालत ने इस पर संदेह जताया और एफडीए से निरीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरें और वीडियो फुटेज पेश करने को कहा।

अदालत ने कहा, ‘‘हमें मंत्रालय की कैंटीन की वे तस्वीरें और वीडियो दिखाएं जो निरीक्षण के समय ली गई थीं। एफडीए के अनुसार, कैंटीन एकदम साफ-सुथरी है। आपने (एफडीए ने) पूर्णिमा रेस्तरां में किए गए निरीक्षण की तस्वीरें पेश की हैं। सभी के साथ एकसमान और निष्पक्ष व्यवहार करें। आप केवल निजी प्रतिष्ठानों को ही निशाना नहीं बना सकते।’’

इसके बाद पीठ ने चार वकीलों के एक पैनल को तुरंत मंत्रालय की कैंटीन का दौरा करने का निर्देश दिया।

भाषा संतोष रंजन

रंजन


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