(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, 30 अप्रैल (भाषा) भगोड़े माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी और कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को यहां की अदालत ने 2023 के मादक पदार्थ जब्ती मामले में बृहस्पतिवार को आठ मई तक स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत में भेज दिया।
जांच एजेंसी ने अदालत को सूचित किया कि डोला का नाम दाऊद इब्राहिम से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्कर के रूप में सामने आया है, और उसकी पहचान जून 2023 में दक्षिण मुंबई से भारी मात्रा में जब्त मादक पदार्थ मेफेड्रोन के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में की गई है।
डोला (59) को भारत के अनुरोध पर मार्च 2024 में जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर तुर्किये से गिरफ्तार किया गया था। वह भारत में कई मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में वांछित था और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए फरार था।
डोला को मंगलवार को दिल्ली लाया गया था। राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने उसे मुंबई ले जाने के लिए एनसीबी को दो दिन की उसकी ‘ट्रांजिट रिमांड’ दी थी।
एनसीबी की एक टीम बुधवार को डोला को शहर लेकर आई। बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न करीब 11:40 बजे डोला को सबसे पहले स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई के लिए नियुक्त विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया।
हालांकि, उसकी हिरासत सुनवाई के लिए अदालत के अधिकार क्षेत्र को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही।
एनसीबी ने बताया कि आरोपी को विशेष न्यायालय द्वारा सितंबर 2024 में जारी गैर-जमानती वारंट का अनुपालन करते हुए गिरफ्तार किया गया था। इसलिए, उसे विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
विशेष न्यायालय ने हालांकि यह माना कि प्रक्रिया के अनुसार, पहले हिरासत के लिए आरोपी को उस मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाना अपेक्षित है जिसके पास मामले की सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र है।
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इसलिए जांच अधिकारी को निर्देश दिया जाता है कि वह पटियाला हाउस कोर्ट (दिल्ली) द्वारा ट्रांजिट रिमांड देते समय दिए गए आदेशानुसार, संबंधित क्षेत्राधिकार वाले मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी को पेश करे।’’
तदनुसार, आरोपी को बृहस्पतिवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एस्प्लेनेड) के.एस. जनवार के समक्ष पेश किया गया। एनसीबी ने मजिस्ट्रेट अदालत से मामले की विस्तृत जांच करने के लिए आरोपी की 10 दिन की हिरासत देने का अनुरोध किया।
एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपी को 2023 में दक्षिण मुंबई से 20 किलोग्राम मेफेड्रोन मादक पदार्थ की जब्ती से संबंधित मामले में पहले से ही आरोपपत्रित सह-आरोपी के बयान के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
एनसीबी ने बताया कि जांच के दौरान, डोला का नाम दाऊद इब्राहिम से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्कर के रूप में सामने आया। उसने बताया कि जब्त किए गए मेफेड्रोन का मुख्य आपूर्तिकर्ता डोला था।
एनसीबी ने बताया कि फैसल जावेद शेख को इस मामले का सरगना माना जा रहा है और वह डोला से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क करता था और मुंबई के पास एक पूर्व निर्धारित स्थान पर मादक पदार्थों की खेप प्राप्त करता था।
मादक पदार्थ रोधी एजेंसी ने दावा किया कि शेख ने स्वेच्छा से दिये बयान में स्वीकार किया कि वह नियमित रूप से डोला से प्रति माह 40 किलोग्राम मेफेड्रोन सात लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदता था और उसे आठ लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचता था, जिससे उसे अनुमानित 40-50 लाख रुपये प्रति माह की कमाई होती थी।
एनसीबी ने बताया कि यह पूरा कारोबार नकद लेनदेन पर आधारित था और वित्तीय जांच से खुलासा हुआ है कि शेख ने मादक पदार्थ के इस अवैध कारोबार से 6,40,65,887 रुपये की कमाई की। उसने बताया कि कि बाद में इसे अर्जित संपत्तियों को तस्कर और विदेशी मुद्रा छलसाधक (संपत्ति की जब्ती) अधिनियम (सफेमा)के तहत जब्त कर लिया गया।
जांच अधिकारियों ने बताया कि डोला मूल रूप से दक्षिण मुंबई के डोंगरी का रहने वाला है। वह मादक पदार्थों के निर्माण और आपूर्ति शृंखला में सक्रिय रूप से संलिप्त था।
उन्होंने बताया कि डोला ने विदेश में रहने के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में मेफेड्रोन वितरण नेटवर्क का संचालन किया और इसका विस्तार किया।
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश