मुंबई, दो जुलाई (भाषा) कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन ने बृहस्पतिवार को देश में लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा होने का आरोप लगाया और कहा कि ‘वोट चोरी, सीट चोरी और पार्टी चोरी’ के बाद, केंद्र सरकार अब ‘‘नागरिकता छीनने’’ और लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने की कोशिश कर रही है।
मुंबई स्थित तिलक भवन में महाराष्ट्र कांग्रेस की ‘लोकशाही वाचवा निर्धार सभा’ (लोकतंत्र बचाओ सम्मेलन) को संबोधित करते हुए नटराजन ने कहा कि नागरिकों को लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठानी चाहिए।
राज्यसभा चुनाव का अपना नामांकन पत्र खारिज होने का जिक्र करते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला एक बड़ी साजिश का हिस्सा था, न कि सिर्फ उनके साथ व्यक्तिगत अन्याय।
नटराजन ने कहा कि जरूरी संख्या बल न होने के बावजूद, मध्य प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव अधिकारियों ने उन्हें आपत्तियों का जवाब देने के लिए पर्याप्त समय या मौका नहीं दिया।
नटराजन ने कहा कि इस घटना पर जनता का गुस्सा लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर बढ़ती चिंता को दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘‘जन सभा, राज्यसभा से ज्यादा महत्वपूर्ण है’’।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने को ‘‘लोकतंत्र पर हमला’’ बताया।
सपकाल ने कहा कि देश ‘‘करो या मरो’’ जैसी स्थिति से गुजर रहा है, जिसके लिए संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए ‘‘दूसरे स्वतंत्रता संग्राम’’ की जरूरत है।
विधानपरिषद में कांग्रेस के नेता सतेज पाटिल ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्ष में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया।
भाषा शफीक माधव
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