निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया, छात्र की मौत से जुड़े पूर्व के बयान पर हमें खेद है: आईआईटी मुंबई

Ads

निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया, छात्र की मौत से जुड़े पूर्व के बयान पर हमें खेद है: आईआईटी मुंबई

  •  
  • Publish Date - September 21, 2026 / 02:21 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 02:21 PM IST

मुंबई, 21 सितंबर (भाषा) मुंबई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने सोमवार को कहा कि उसके निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है, वहीं संस्थान ने एक छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पहले जारी किए गए अपने बयान पर खेद भी जताया।

संस्थान का यह बयान संभवतः छात्र की मौत की घटना की जांच शुरू होने से पहले ही परीक्षा में उसके द्वारा कृत्रिम मेधा (एआई) के कथित इस्तेमाल के खुलासे के संदर्भ में आया है।

अधिकारियों के अनुसार, ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे (22) का शव शुक्रवार शाम आईआईटी मुंबई के पवई परिसर स्थित छात्रावास के कमरे में पंखे से बंधे फंदे पर लटका मिला था।

आरोप है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ ही घंटे बाद वाकोडे ने आत्महत्या कर ली।

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले छात्र के परिवार ने आरोप लगाया है कि वाकोडे को संस्थान में प्रातड़ित किया गया और उसे जातिगत भेदभाव तक झेलना पड़ा जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। छात्र की आत्महत्या के बाद परिसर में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वाकोडे को निलंबित करने की धमकियां दी गईं।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने रविवार को प्रदर्शनकारियों से कहा कि वह सोमवार को इस्तीफा दे देंगे। हालांकि, केदारे ने स्पष्ट किया कि उन्हें इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

हालांकि, संस्थान ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसके निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है।

संस्थान ने कहा, ‘‘हम स्पष्ट करते हैं कि इससे संबंधित खबर झूठी है।’’

आईआईटी मुंबई ने कहा, ‘‘हम साहिल की मौत से जुड़ी परिस्थितियों के संबंध में पूर्व में विज्ञप्ति के जरिए जारी बयानों के लिए खेद प्रकट करते हैं।’’

संस्थान ने कहा कि घटना के विवरण और परिस्थितियां सक्षम अधिकारियों की जांच का विषय हैं।

उसने कहा, ‘‘जांच अभी जारी है, ऐसे में उचित जांच प्रक्रिया के माध्यम से तथ्य विधिवत स्थापित होने से पहले ही छात्र की मृत्यु की परिस्थितियों का विवरण देना या उन्हें किसी रूप में परिभाषित करना उचित नहीं था।’’

संस्थान ने इससे पहले शनिवार को जारी एक बयान में कहा था कि वाकोडे ने परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र कथित तौर पर चैटजीपीटी पर अपलोड किया था। हालांकि, बयान में कहा गया है कि उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।

बयान में कहा गया कि इस मामले को लेकर शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने भी छात्र से बात की थी। उन्होंने उसे समझाया और भरोसा दिलाया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इसके बाद छात्र अपने छात्रावास के कमरे में लौट गया। बाद में उसी शाम वह अपने कमरे में मृत मिला।

छात्र के माता-पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस के मुताबिक, मामले में एक प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है और इसकी जांच अपराध शाखा कर रही है।

भाषा खारी वैभव

वैभव