चिकित्सक आत्महत्या मामला: महाराष्ट्र की मंत्री के सहायक ने जमानत मांगी, आरोपों को अस्पष्ट बताया
चिकित्सक आत्महत्या मामला: महाराष्ट्र की मंत्री के सहायक ने जमानत मांगी, आरोपों को अस्पष्ट बताया
मुंबई, 12 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे के निजी सहायक अनंत गर्जे ने सोमवार को जमानत याचिका दायर करते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ‘अस्पष्ट’ हैं और यह मामला दुखद घटना के बाद ‘भावनात्मक पीड़ा’ का परिणाम है। गर्जे को अपनी चिकित्सक पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सरकारी केईएम अस्पताल में दंत चिकित्सक डॉ. गौरी पाल्वे (28) ने कथित तौर पर पिछले साल 22 नवंबर को मध्य मुंबई के वर्ली स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। गौरी और गर्जे का विवाह पिछले साल फरवरी में हुआ था। मृतका के पिता की शिकायत पर वर्ली पुलिस ने गर्जे और उनके दो परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य अपराधों का मामला दर्ज किया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रूपाली पवार के समक्ष अधिवक्ता मंगेश देशमुख के माध्यम से दायर की गई गर्जे की याचिका में कहा गया, ‘प्राथमिकी में उनके द्वारा उकसाने या क्रूरता करने का कोई प्रत्यक्ष, विशिष्ट या करीबी कृत्य प्रकट नहीं होता है, जो भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध का मामला बना सके।’ गर्जे की याचिका में दावा किया गया है कि परिवार के सदस्यों को केवल ‘वैवाहिक विवाद और पति पर दबाव डालने के लिए फंसाया गया है, जो कानून का दुरुपयोग है।’
याचिका में यह दावा किया गया कि एफआईआर में लगाए गए आरोप अस्पष्ट और किसी भी तिथि, स्थान या ऐसे विशिष्ट कृत्य का उल्लेख किए बिना हैं जो किसी भी प्रकार से उकसावे या सहभागिता को दर्शा सकें।
अभियुक्त ने कहा कि उसके खिलाफ मामला केवल संदेह और अनुमानों पर आधारित है, जिसमें कोई ठोस तथ्य नहीं हैं।
याचिका में कहा गया है कि प्राथमिकी दुखद घटना के बाद मन में आए विचार और भावनात्मक पीड़ा का परिणाम है।
अदालत ने अभियोजन पक्ष से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई 19 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी ।
पुलिस शिकायत में पाल्वे के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसे प्रताड़ित और परेशान किया, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि गर्जे का किसी अन्य महिला के साथ संबंध था।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश

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