डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक कुरुलकर के खिलाफ जासूसी का मुकदमा जुलाई में शुरू होने की उम्मीद

डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक कुरुलकर के खिलाफ जासूसी का मुकदमा जुलाई में शुरू होने की उम्मीद

डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक कुरुलकर के खिलाफ जासूसी का मुकदमा जुलाई में शुरू होने की उम्मीद
Modified Date: June 19, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: June 19, 2026 10:07 pm IST

पुणे, 19 जून (भाषा) पुणे की एक अदालत ने कथित जासूसी के मामले में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं, जिससे अगले महीने से मुकदमा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वला पवार ने कहा, ‘‘अदालत ने बृहस्पतिवार को कुरुलकर के खिलाफ शासकीय गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत आरोप तय किए हैं। मामले की सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में शुरू होगी। चूंकि यह मामला शासकीय गोपनीयता अधिनियम (ओसीए) के प्रावधानों से जुड़ा है, इसलिए इसकी कार्यवाही बंद कमरे में होगी।’’

ओसीए की धारा 3 और 5 क्रमशः ‘‘जासूसी के लिए सजा’’ और ‘‘गलत तरीके से जानकारी साझा करने’’ से संबंधित हैं।

डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक कुरुलकर पर पाकिस्तान के एक कथित एजेंट के साथ संवेदनशील और गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप था। इस मामले की जांच कर रहे महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने 30 जून, 2023 को आरोपपत्र दाखिल किया था। यह मामला फिलहाल एटीएस मामलों के विशेष न्यायाधीश पी वाई लाडेकर की अदालत में लंबित है।

कुरुलकर ने आरोपों के खिलाफ वकील ऋषिकेश आर गनु और राघव पुराणिक के जरिए याचिका दाखिल की थी। हालांकि, अदालत ने यह याचिका खारिज कर दी और उनके खिलाफ शासकीय गोपनीयता अधिनियम, 1923 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 20 जून, 2026 को होगी।

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश


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