महिला आरक्षण विधेयक पर फडणवीस, चिदंबरम में जुबानी जंग

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महिला आरक्षण विधेयक पर फडणवीस, चिदंबरम में जुबानी जंग

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  • Publish Date - August 24, 2026 / 08:14 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 08:14 PM IST

मुंबई, 24 अगस्त (भाषा) नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने को लेकर सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया। फडणवीस ने विपक्षी पार्टी पर 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करने की योजनाओं में बाधा डालने का आरोप लगाया।

इससे पहले, चिदंबरम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की शनिवार को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तीकरण को लेकर दिए गए बयानों पर फडणवीस की आलोचना को लेकर उन पर निशाना साधा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में फडणवीस की टिप्पणियों को ‘‘सोचने-समझने की क्षमता में कमी’’ का नतीजा बताया।

उन्होंने लिखा, ‘‘लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीट पर आरक्षण का प्रावधान करने वाला संविधान (106वां संशोधन) विधेयक 2023 में संसद में पारित हुआ था। कांग्रेस ने संसद के दोनों सदनों में इस विधेयक का पूरे दिल से समर्थन किया था।’’

चिदंबरम के आरोप को खारिज करते हुए फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस ने 2023 के संविधान संशोधन के पक्ष में मतदान किया था, जबकि उसे पता था कि यह जनगणना के बाद परिसीमन से जुड़ा हुआ है। लेकिन बाद में पार्टी ने 2011 की जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल कर प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए 2026 में लाए गए नए विधेयक का विरोध किया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि वह भी ‘‘चुनिंदा याददाश्त’’ रखने की कला सीखना चाहते हैं।

फडणवीस ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘आप अच्छी तरह जानते हैं कि 106वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023—नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे आपने पढ़ा और जिसके पक्ष में मतदान किया था—में एक स्पष्ट शर्त है। महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण से जुड़े प्रावधान ‘तभी लागू होंगे, जब परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जो इस अधिनियम के लागू होने के बाद होने वाली पहली जनगणना के आधार पर की जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण जनगणना में देरी हुई।

फडणवीस ने कहा, ‘‘जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया का इंतजार करने का मतलब है कि 2029 के आम चुनावों तक महिला आरक्षण लागू नहीं हो सकेगा। यही वजह है कि सरकार ने 2026 में नए विधेयक लाए, जिनके जरिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने और 2029 के चुनावों तक महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता तैयार किया जा सके।’’

फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने संसद में उस प्रयास का विरोध किया और उसे विफल कर दिया, जिससे 2029 तक महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता भी रुक गया।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप