फडणवीस ने निकाय चुनाव में भाजपा नीत महायुति के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई

फडणवीस ने निकाय चुनाव में भाजपा नीत महायुति के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई

  •  
  • Publish Date - January 13, 2026 / 09:54 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 09:54 PM IST

पुणे, 13 जनवरी (भाषा) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि मुंबई सहित पूरे राज्य के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को वोट देने और नगर निकाय चुनावों में गठबंधन को सत्ता में लाने का संकल्प लिया है।

महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के चुनावों के लिए प्रचार मंगलवार को समाप्त हो गया।

फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार द्वारा पुणे में महानगर पालिका चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा की आलोचना करने पर एक बार फिर अपनी नाराजगी व्यक्त की और प्रतिद्वंद्वी राकांपा गुटों के विलय की अटकलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 नगर निकायों के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले शिवाजीनगर में एक रैली को संबोधित करने के बाद पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों ने भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को चुनने का मन बना लिया है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘‘चाहे मुंबई हो, पुणे हो, पिंपरी-चिंचवड हो, नासिक हो या नागपुर, राज्य के सभी प्रमुख शहरों में लोगों ने भाजपा को चुनने का मन बना लिया है। चाहे कोई भी दावा किया जाए या कोई भी मुद्दा उठाया जाए, यह संकल्प नहीं बदलेगा।’’

फडणवीस ने दोहराया कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान जानबूझकर राकांपा की आलोचना करने से परहेज किया था लेकिन इसके प्रमुख पवार ने ऐसा ही संयम क्यों नहीं दिखाया।

राकांपा, पुणे और पिंपरी-चिंचवड में भाजपा की प्रतिद्वंद्वी पार्टी है।

पुणे और पिंपरी-चिंचवड में भाजपा नेतृत्व की राकांपा प्रमुख पवार द्वारा की गई तीखी आलोचना के बारे में पूछे जाने पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे पर हमला न करने का निर्णय लिया है क्योंकि दोनों पार्टियां राज्य स्तर पर सहयोगी बनी हुई हैं।

उन्होंने बताया कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनावों के लिए भाजपा और राकांपा के बीच गठबंधन न हो पाने के बाद यह निर्णय लिया गया कि दोनों दलों के नेता एक-दूसरे की आलोचना नहीं करेंगे।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मैंने उस संयम का पालन किया, लेकिन दादा (अजित पवार को राजनीतिक हलकों में इसी नाम से जाना जाता है) ने नहीं किया। उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया, यह मुझे पता नहीं है।’’

भाषा यासिर पवनेश

पवनेश