किसानों का ‘मुंबई कूच’: एआईकेएस नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, ठोस आश्वासन मिलने का दावा किया

किसानों का 'मुंबई कूच': एआईकेएस नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, ठोस आश्वासन मिलने का दावा किया

किसानों का ‘मुंबई कूच’: एआईकेएस नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, ठोस आश्वासन मिलने का दावा किया
Modified Date: January 28, 2026 / 12:49 am IST
Published Date: January 28, 2026 12:49 am IST

मुंबई, 27 जनवरी (भाषा) मुंबई की तरफ अपने ‘लंबे मार्च’ के तहत हजारों किसानों ने पड़ोसी ठाणे जिले में प्रवेश किया और इस बीच अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके प्रतिनिधिमंडल को उनकी मांगों को पूरा करने के बारे में ठोस आश्वासन दिया है।

माकपा से संबद्ध एआईकेएस के एक प्रतिनिधिमंडल ने यहां मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ में फडणवीस से मुलाकात की।

शाम को जारी एक बयान में एआईकेएस नेताओं ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने इससे पहले राज्य सचिवालय ‘मंत्रालय’ में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, जनजातीय विकास मंत्री अशोक उइके, स्कूल शिक्षा मंत्री दादासाहेब भूसे, वन मंत्री गणेश नाइक, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगभग दो घंटे की बैठक की।

सरकार ने इन बैठकों के संबंध में देर शाम तक कोई बयान जारी नहीं किया था।

नवाले ने कहा कि सरकार ने जिला स्तर पर वन अधिकारों के सभी दावों की पुन: जांच करने पर सहमति जताई है, यह स्वीकार करते हुए कि स्वामित्व के लिए योग्य भूमि और वास्तविक कब्जे के बीच विसंगतियां वन विभाग की गलत रिपोर्ट के कारण उत्पन्न हुई थीं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में उप-विभागीय अधिकारियों की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएंगी जो वन अधिकारों से संबंधित प्रत्येक मामले की पुन: जांच करेंगी और यह पूरी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी हो जाएगी।

एआईकेएस नेता ने कहा कि प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मंत्रियों सहित एक कार्यान्वयन समिति का गठन किया जाएगा और किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सक्षम बनाने के लिए वन भूमि पर फसलों का निरीक्षण किया जाएगा।

नवाले ने यह भी दावा किया कि सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों में पश्चिम की ओर बहने वाली सात नदियों के वर्षा जल को अन्यत्र ले जाने के बजाय स्थानीय उपयोग और महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए संरक्षित करने की मांग को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘चेक डैम की एक श्रृंखला के निर्माण से संबंधित एक ठोस कार्य योजना पर निर्णय लिया गया है, जिसका विस्तृत खाका नासिक जिलाधिकारी स्तर पर तैयार किया जाएगा। किसान सभा द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।’

उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित क्षेत्र का पंचायत विस्तार (पेसा) अधिनियम के प्रावधानों के तहत स्वीकृत पदों में से 50 प्रतिशत तक की भर्ती की अनुमति देने वाले अदालती आदेशों को तुरंत लागू करने पर सहमत हो गई है।

पूर्व विधायक जेपी गावित ने पत्रकारों को बताया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से संबद्ध अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के नेतृत्व में लाल झंडे लिए प्रदर्शनकारियों ने रविवार को ‘लॉन्ग मार्च’ शुरू किया। इससे पहले, नासिक जिले के दिंडोरी तहसील कार्यालय के बाहर किया गया उनका आंदोलन किसी भी ठोस आश्वासन को प्राप्त करने में विफल रहा था।

भाषा

शुभम सुभाष

सुभाष


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