ठाणे में नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने के दोषी मछुआरे को 20 साल की कठोर कारावास की सजा
ठाणे में नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने के दोषी मछुआरे को 20 साल की कठोर कारावास की सजा
ठाणे, 14 जनवरी (भाषा) ठाणे की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने एक मछुआरे को शादी का झूठा वादा करके 15 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी कहा कि उसने पीड़िता से अपनी वैवाहिक स्थिति छिपाई थी।
विशेष अदालत की न्यायाधीश रूबी यू मालवंकर ने मंगलवार को पारित आदेश में कहा कि यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया है जिसमें इस खतरे को रोकने, ऐसे अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने और इसी तरह के आपराधिक व्यवहार को रोकने के उद्देश्य से कठोर दंड निर्धारित किए गए हैं।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पीड़िता अगस्त 2022 में आरोपी मनोज नवशा शनवर से मिली थी और घटना के वक्त 15 वर्ष की थी। पीड़िता महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उत्तन में घरेलू सहायिका और मछली साफ करने का काम करती थी।
मछुआरे शनवर ने प्रेम का इजहार करके उससे शादी का वादा किया और पीड़िता का विश्वास जीता। आरोपी पहले से ही शादीशुदा था और उसके दो बच्चे थे, लेकिन यह बात उसने पीड़िता का फायदा उठाने के लिए जानबूझकर छिपाई थी।
आरोपी ने अगस्त 2022 से सितंबर 2023 के बीच कई बार पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई।
जब पीड़िता ने आरोपी को अपनी गर्भावस्था के बारे में बताया तो उसने अपनी वैवाहिक स्थिति का खुलासा किया और उसे अपनाने से इनकार कर दिया तथा धमकियां दीं।
पीड़िता ने बाद में 22 सप्ताह की गर्भावस्था में चिकित्सकीय रूप से गर्भपात करवाया।
अभियुक्त को पॉक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था।
अदालत ने 20 साल की सजा के साथ-साथ विभिन्न अपराधों के लिए आरोपी पर सामूहिक रूप से 6,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि यह राशि पीड़ित को दी जाए।
इसमें मनोधैर्य योजना के तहत पीड़ित को अतिरिक्त मुआवजा देने का भी निर्देश दिया गया।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा

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