अवैध लिंग निर्धारण के खिलाफ कार्रवाई के तहत आईएमए की महाराष्ट्र इकाई के पूर्व प्रमुख गिरफ्तार

अवैध लिंग निर्धारण के खिलाफ कार्रवाई के तहत आईएमए की महाराष्ट्र इकाई के पूर्व प्रमुख गिरफ्तार

अवैध लिंग निर्धारण के खिलाफ कार्रवाई के तहत आईएमए की महाराष्ट्र इकाई के पूर्व प्रमुख गिरफ्तार
Modified Date: May 9, 2026 / 06:41 pm IST
Published Date: May 9, 2026 6:41 pm IST

मुंबई, नौ मई (भाषा) महाराष्ट्र में अवैध लिंग निर्धारण से जुड़े गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत पुलिस ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की महाराष्ट्र इकाई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुटे को अवैध गर्भपात और लिंग परीक्षण में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई अहिल्यानगर और पुणे में फैले एक कथित गिरोह की जांच के बाद की गई। इस गिरोह में एजेंट और चिकित्सकों का नेटवर्क शामिल था, जो गर्भाधान पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम का उल्लंघन कर रहा था।

उन्होंने बताया कि डॉ. कुटे को बुधवार को राहाता से गिरफ्तार किया गया और अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने कथित तौर पर कई महिलाओं के अवैध गर्भपात किए थे।

अधिकारी ने कहा कि पुलिस अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें दो चिकित्सक, तीन एजेंट और उन महिलाओं के परिजन शामिल हैं जिन्हें अवैध लिंग जांच और गर्भपात के लिए लाया गया था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोमनाथ वाघचौरे और उनकी टीम ने यह कार्रवाई की। जांच में पता चला कि यह गिरोह पुणे और अहिल्यानगर तक फैला हुआ था। मामले की जांच जारी है।

इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की महाराष्ट्र इकाई ने स्पष्ट किया कि वह लिंग जांच संबंधी कानूनों का उल्लंघन करने वाले किसी भी सदस्य का समर्थन या संरक्षण नहीं करती।

आईएमए की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष संतोष कुलकर्णी और सचिव विक्रांत देसाई द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘आईएमए महाराष्ट्र राज्य पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन में शामिल किसी भी सदस्य या पदाधिकारी का समर्थन या संरक्षण नहीं करता। डॉ. रवींद्र कुटे के मामले में पुलिस और अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी।’

बयान में कहा गया कि गिरफ्तारी को गंभीरता से लेते हुए राज्य इकाई ने आंतरिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

आईएमए ने बताया कि संगठन के संविधान और अनुशासनात्मक प्रावधानों के तहत डॉ. कुटे के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए प्रस्ताव राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेज दिया गया है।

संगठन ने कहा कि वह महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर पीसीपीएनडीटी अधिनियम के क्रियान्वयन और ‘बेटी बचाओ’ अभियान में लगातार सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।

भाषा राखी संतोष

संतोष


लेखक के बारे में