तरबूज से नहीं चूहे मारने की दवा से हुई थी एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
तरबूज से नहीं चूहे मारने की दवा से हुई थी एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
मुंबई, सात मई (भाषा) दक्षिण मुंबई के पायधुनी इलाके में पिछले महीने एक परिवार के चार सदस्यों की मौत चूहे मारने की दवा खाने के कारण हुई थी। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
परिवार के चार सदस्यों की मौत तरबूज खाने से नहीं हुई, जैसा माना जा रहा था।
अधिकारी ने बताया कि मृतकों अब्दुल्ला डोकाडिया (44), उनकी पत्नी नसरीन (35) और उनकी बेटियों आयशा (16) एवं जैनब (13) के आंतरिक अंगों की जांच करने वाले विशेषज्ञों को उनमें जिंक फॉस्फाइड के अंश मिले। इस कीटनाशक का इस्तेमाल मुख्य रूप से चूहों को मारने के लिए किया जाता है।
उन्होंने कहा कि परिवार के चार सदस्यों की मौत तरबूज खाने से नहीं हुई, जैसा माना जा रहा था।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि चूहे मारने की दवा गलती से खाई गई थी (या जानबूझकर)। अभी तक हमें ऐसा कोई ठोस कारण नहीं मिला है कि पूरे परिवार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया होगा। जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन द्वारा मामले में आगे जांच की जा रही है, जिसने परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए हैं।’’
डोकाडिया परिवार ने 25 अप्रैल की रात अपने रिश्तेदारों के लिए एक छोटी सी पार्टी का आयोजन किया था। मेहमानों के जाने के कुछ घंटों बाद रात करीब एक बजे परिवार के चारों सदस्यों ने तरबूज खाए।
कुछ देर बाद उन्हें तेज उल्टी और दस्त होने लगे और उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें सरकारी जे जे अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन इलाज के दौरान चारों लोगों की मौत हो गई।
भाषा
अविनाश नरेश
नरेश

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