Gondiya News Today | Photo Credit: IBC24
गोंदिया: Gondiya News Today डॉक्टरों को यूं ही देवदूत नहीं कहा जाता। जब जिंदगी और मौत के बीच जंग चल रही होती है, तब यही डॉक्टर उम्मीद की आखिरी किरण बनकर सामने आते हैं। चाहे दिन हो या रात, त्योहार हो या छुट्टी मरीज की सेवा के लिए डॉक्टर हमेशा तैयार रहते हैं। लेकिन महाराष्ट्र के भंडारा-गोंदिया जिले से शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां देवदूत माने जाने वाले डॉक्टर पर 10 दिन की बच्ची को 3 लाख रुपए में बेचने का गंभीर आरोप लगा है।
Maharashtra News मिली जानकारी के अनुसार, घटना गोंदिया के बालाजी अस्पताल का है। दरअसल, भंडारा के महिला और बाल विकास विभाग को पांढराबोडी गांव में एक महिला के पास 10 दिन का नवजात बच्चा होने की गुप्त सूचना मिली थी। जब विभाग के अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे तो संबंधित महिला बच्ची को लेकर फरार हो गई, जिससे संदेह गहराया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची को सुरक्षित हिरासत में लिया। जांच के दौरान इस पूरे मामले के तार सीधे गोंदिया के बालाजी अस्पताल से जुड़ते पाए गए।
यह मामला तब उजागर हुआ जब गत दो फरवरी को ‘चाइल्ड हेल्पलाइन’ को सूचना मिली कि भंडारा जिले के मोहाड़ी तालुका स्थित पंधरा बोड़ी गांव में एक नवजात बच्ची को अवैध रूप से रखा गया है। मामले की जांच में बच्ची के माता-पिता ने ‘बाल कल्याण समिति’ को बताया कि उनकी बच्ची का जन्म नौ महीने से कम समय में हुआ था। डॉक्टर नितेश बाजपेयी ने उन्हें डराया कि इलाज बहुत महंगा है और मदद के बहाने कहा कि वह एक एनजीओ के जरिए नागपुर में बच्ची का मुफ्त इलाज करा देगा। हालांकि, डॉक्टर ने इलाज के बजाय बच्ची का सौदा कर दिया।
इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी डॉ. नितेश बाजपेयी और 3 अन्य आरोपी फरार हैं। भंडारा पुलिस की टीमें फरार डॉक्टर की तलाश में रवाना हो गई हैं। इस घटना से जिले में हड़कंप मच गया है।