गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का मार्ग चुना ताकि लोग गरिमा पूर्वक जिएं: आंध्र के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण

गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का मार्ग चुना ताकि लोग गरिमा पूर्वक जिएं: आंध्र के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण

गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का मार्ग चुना ताकि लोग गरिमा पूर्वक जिएं: आंध्र के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण
Modified Date: January 25, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: January 25, 2026 9:28 pm IST

नांदेड़, 25 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने रविवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ में पूज्य सिख गुरु के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित ‘हिंद दी चादर शहीदी समागम’ में कहा कि गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का मार्ग इसलिए चुना ताकि लोग गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।

आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हाल ही में हुए हमलों का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा कि पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों का दर्द सभी को यह याद दिलाना चाहिए कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान केवल इतिहास का एक हिस्सा नहीं है, बल्कि एक चेतावनी भी है।

कल्याण ने कहा, “गुरु तेग बहादुर जी के रूप में हम केवल एक गुरु को ही नहीं, बल्कि उस चेतना को याद करते हैं जिसने मानवता को धर्म की रक्षा करना सिखाया। गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का मार्ग चुना ताकि लोग गरिमापूर्ण जीवन जी सकें। उन्होंने धर्म के लिए अपने प्राण त्याग दिए और इसीलिए उन्हें ‘धर्म दी चादर, हिंद दी चादर’ कहा जाता है।’

इस अवसर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने संत नामदेव और गुरु तेग बहादुर की शिक्षाओं में समानताएं बताईं।

पवार ने बताया, ‘दोनों ने ही इस बात पर जोर दिया कि ईश्वर एक है। उन्होंने अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खड़े रहे। संत नामदेव की कई रचनाएं गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं।’

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत


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