भारतीय मूल के ब्रिटिश चिकित्सक-यूट्यूबर की याचिका पर उच्च न्यायालय ने पुलिस से जवाब मांगा
भारतीय मूल के ब्रिटिश चिकित्सक-यूट्यूबर की याचिका पर उच्च न्यायालय ने पुलिस से जवाब मांगा
मुंबई, 22 जनवरी (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को ब्रिटिश चिकित्सक और यूट्यूबर संग्राम पाटिल द्वारा दायर उस याचिका पर मुंबई पुलिस से जवाब मांगा जिसमें भाजपा नेताओं को निशाना बनाने वाली ‘आपत्तिजनक’ सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया गया है।
‘लुक आउट सर्कुलर’ (एलओसी) के कारण पाटिल पर भारत छोड़ने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पाटिल का कहना है कि वह जांचकर्ताओं के साथ सहयोग कर रहा है, लेकिन उसके इस दावे का अधिवक्ता जनरल मिलिंद साठे ने खंडन किया है।
न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की अध्यक्षता वाली एकल पीठ ने पाटिल की याचिका पर सुनवाई की और पुलिस को याचिका के जवाब में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इस याचिका में एलओसी को रद्द करने की भी मांग की गई है।
इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख चार फरवरी तय की गई है। उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले से संबंधित भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक पाटिल को 10 जनवरी को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आगमन के समय रोक दिया गया और उनसे 15 घंटे तक पूछताछ की गई।
उनके वकील सुदीप पसबोला ने बृहस्पतिवार को अदालत को बताया कि चिकित्सक को उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जानकारी भी नहीं थी और वास्तव में वह अपनी मर्जी से ब्रिटेन से भारत आए थे।
16 जनवरी को मैनचेस्टर लौटने के इरादे के बावजूद, एलओसी के कारण पाटिल को फिर से हिरासत में ले लिया गया और उन्हें विमान में चढ़ने से रोक दिया गया।
उन्हें 19 जनवरी को तीसरी बार रोका गया।
पसबोला ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग कर रहा है और पहले ही तीन बार पूछताछ के लिए अपराध शाखा के समक्ष पेश हो चुका है।
हालांकि, अधिवक्ता जनरल मिलिंद साठे ने अदालत को बताया कि पाटिल पुलिस के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। प्राथमिकी और एलओसी को रद्द करने के अलावा, पाटिल ने अदालत से मामले की जांच पर रोक लगाने और पुलिस को उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश देने की भी मांग की है।
उन्होंने ब्रिटेन जाने के लिए अदालत से अनुमति भी मांगी।
पाटिल के खिलाफ प्राथमिकी पिछले साल दिसंबर में महाराष्ट्र भाजपा के सोशल मीडिया समन्वयक निखिल भामरे की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी।
भामरे ने पुलिस को बताया कि ऑनलाइन ब्राउज करते समय उन्हें पाटिल की आपत्तिजनक पोस्ट दिखाई दी, उन्होंने इस मामले को पार्टी नेताओं के सामने उठाया और फिर पुलिस से संपर्क किया।
भाषा तान्या संतोष
संतोष


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