मनुष्यों और राष्ट्रों को अपने वास्तविक स्वरूप को समझने तक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा: भागवत

मनुष्यों और राष्ट्रों को अपने वास्तविक स्वरूप को समझने तक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा: भागवत

मनुष्यों और राष्ट्रों को अपने वास्तविक स्वरूप को समझने तक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा: भागवत
Modified Date: September 12, 2025 / 01:36 pm IST
Published Date: September 12, 2025 1:36 pm IST

नागपुर, 12 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि मनुष्य और राष्ट्र जब तक अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं समझेंगे, तब तक वे समस्याओं का सामना करते रहेंगे।

नागपुर में ब्रह्माकुमारी विश्व शांति सरोवर के सातवें स्थापना दिवस समारोह में भागवत ने कहा कि ब्रह्माकुमारी की तरह ही आरएसएस भी आंतरिक चेतना को जागृत करने के लिए काम करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब तक मनुष्य और राष्ट्र अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं समझेंगे, तब तक वे समस्याओं का सामना करते रहेंगे। अगर हम करुणा दिखाएँ और भय पर विजय पाएँ, तो हमारा कोई शत्रु नहीं रहेगा।’’

भागवत ने कहा कि भारत महान है और भारतीयों को भी महान बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत बड़ा है तथा वह और बड़ा होना चाहता है।

उन्होंने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा, ‘‘यदि अन्य सोचते हैं कि भारत के बड़े होने और प्रगति करने से हमारा क्या होगा… तो टैरिफ का मुद्दा उठता है।’’

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अगर मनुष्य अपना रवैया ‘‘मैं’’ से ‘‘हम’’ में बदल लें तो सभी मुद्दे सुलझ जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया समाधान तलाश रही है।’’

भाषा नेत्रपाल मनीषा

मनीषा


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