गिरफ्तार क्लर्क से संबंध साबित हुए तो इस्तीफा दे दूंगा: जिरवाल
गिरफ्तार क्लर्क से संबंध साबित हुए तो इस्तीफा दे दूंगा: जिरवाल
मुंबई, 13 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने शुक्रवार को कहा कि कथित तौर पर रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किये गए क्लर्क के साथ यदि उनका कोई संबंध साबित होता है तो वह पद से इस्तीफा दे देंगे।
भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) ने बृहस्पतिवार को राज्य सचिवालय में कथित तौर पर 35,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक एफडीए क्लर्क को रंगे हाथ पकड़ लिया, जिसके बाद विपक्षी कांग्रेस ने राज्य की भाजपा नीत महायुति सरकार पर हमला किया।
नयी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में जिरवाल ने कहा, ‘‘जो कुछ हुआ वह गंभीर है। आरोपी को इसके परिणाम भुगतने होंगे। उसे विभागीय सुनवाई के लिए कागजात तैयार करने का काम सौंपा गया था।’’
एसीबी के अनुसार, क्लर्क राजेंद्र ढेरंगे को राज्य सचिवालय की दूसरी मंजिल पर स्थित एफडीए कार्यालय में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता से पैसे मांगे थे, जो अपना मेडिकल लाइसेंस बहाल करवाना चाहता था।
राकांपा के वरिष्ठ नेता जिरवाल ने कहा, ‘‘आप लोग मेरा आचरण जानते हैं। मैं ऐसे काम नहीं करता। अगर मुझसे कोई संबंध साबित होता है, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं, जिरवाल ने कहा कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस ने राज्य में भाजपा नीत महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि भ्रष्टाचार राज्य के उच्चतम प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है।
कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अगर ‘मंत्रालय’ (राज्य सचिवालय) में ही खुलेआम रिश्वतखोरी हो रही है, तो नागरिकों के पास न्याय पाने का कोई रास्ता नहीं बचता।
उन्होंने एफडीए के क्लर्क की गिरफ्तारी को ‘‘चौंकाने वाला और शर्मनाक’’ बताया।
गायकवाड़ ने गिरफ्तार एफडीए कर्मचारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की।
कांग्रेस सांसद ने मामले में किसी व्यापक नेटवर्क की संलिप्तता का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने यह भी सवाल किया कि रिश्वत की रकम किन लोगों को मिलने वाली थी और इस मामले में सच्चाई सार्वजनिक की जाए।
बृहस्पतिवार को एसीबी की कार्रवाई के कुछ घंटों बाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा था कि ‘‘महायुति सरकार के अधीन ‘मंत्रालय’ में खुलेआम रिश्वतखोरी और कमीशनबाजी हो रही है।’’
सपकाल ने कहा कि रिश्वत दिए बिना कोई काम नहीं होता है और उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले का विवरण सार्वजनिक करने और संबंधित मंत्री को हटाने की मांग की।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश

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