सदस्य अगर सदन की गरिमा नहीं बढ़ा सकते तो उसे गिराए नहीं : आंध्र प्रदेश विधानसभाध्यक्ष
सदस्य अगर सदन की गरिमा नहीं बढ़ा सकते तो उसे गिराए नहीं : आंध्र प्रदेश विधानसभाध्यक्ष
अमरावती, 12 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सी. अय्यन्नपतरुडु ने बृहस्पतिवार को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि विधायक अगर सदन की प्रतिष्ठा बढ़ा नहीं सकते तो उन्हें जनता की नजरों में ”इसे गिराने का अधिकार नहीं है”।
उनकी यह टिप्पणी बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत के बाद आई है। सदन की कार्यवाही की शुरुआत में राज्यपाल एस अब्दुल नजीर के भाषण को मुख्य विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने बाधित करने की कोशिश की थी। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की थी और कागजात फाड़कर फेंक दिये।
विधानसभाध्यक्ष ने इस घटनाक्रम पर निराशा व्यक्त की क्योंकि यह स्थिति तब पैदा हुई जब दर्शक दीर्घा में छात्र मौजूद थे जो कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किये गए थे।
उन्होंने सदन में कहा, ‘‘हमें अपनी गतिविधियों के दौरान यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अगर हम सदन की गरिमा नहीं बढ़ा सकते तो कम से कम उसे गिराए नहीं। सभी को यह बात याद रखनी चाहिए।’’
अय्यन्नपतरुडु ने रेखांकित किया कि राज्य के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया गया था ताकि उनमें नागरिक जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मैंने उन्हें विधायकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन हम जो कर रहे हैं, उससे उन छात्रों को क्या सीखने को मिलेगा, वे हमारे बारे में क्या सोचेंगे?’’
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन कोमल मनों में विधायिका के प्रति एक अपमानजनक छवि बनती है तो उस धारणा को मिटाना असंभव हो जाएगा।
विधानसभाध्यक्ष ने विपक्ष के व्यवहार को इंगित करते हुए सभी विधायकों से आत्ममंथन करने का आग्रह किया।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में पार्टी विधायकों ने सोमवार को सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और सदन से बहिर्गमन किया।
भाषा धीरज पवनेश नरेश
नरेश

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