Rahul Gandhi Privilege Motion News: मोदी सरकार ख़त्म कर देगी राहुल गांधी के सांसद का दर्जा?.. सवाल पूछने पर मीडिया पर भड़के लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष..

अगर कोई मंत्री या सदस्य सदन में गलत जानकारी देता है, तथ्यों को छिपाता है या किसी सदस्य के अधिकारों में दखल देता है, (Privilege Motion Against Rahul Gandhi) तो उसके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जा सकता है।

Rahul Gandhi Privilege Motion News: मोदी सरकार ख़त्म कर देगी राहुल गांधी के सांसद का दर्जा?.. सवाल पूछने पर मीडिया पर भड़के लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष..

Privilege Motion Against Rahul Gandhi || Image- Rahul Gandhi Social Media

Modified Date: February 12, 2026 / 03:11 pm IST
Published Date: February 12, 2026 2:22 pm IST
HIGHLIGHTS
  • राहुल पर प्रिविलेज मोशन की मांग
  • भाजपा-कांग्रेस में तीखी बयानबाजी
  • संसद में बढ़ा राजनीतिक विवाद

नई दिल्ली: संसद में इन दिनों बजट सत्र जारी है। ऐसे में चर्चा के केंद्र में केंद्रीय बजट को होना चाहिए था, लेकिन चर्चा का विषय बने हुए है लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली के सांसद राहुल गाँधी। (Privilege Motion Against Rahul Gandhi) राहुल हर दिन सरकार के लिए संसद में नई समस्याएं पैदा कर रहे है। पिछले दिनों उन्होनें संसद में पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे के किताब के अंश का जिक्र कर विवाद छेड़ दिया था तो कल सामने आये उनके एक वीडियो को लेकर भाजपा के सांसदों ने नाराजगी जाहिर की है। बताया जा रहा है कि, सत्ता दल के सांसद राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकारी का प्रस्ताव ला सकते है। हालांकि इस पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मीडिया से चर्चा की है।

क्या कहा निशिकांत दुबे ने?

निशिकांत दुबे ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की इस टिप्पणी पर कि सरकार लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाएगी, इस पर कहा, “कोई प्रिविलेज मोशन नहीं है। मैंने एक ठोस मोशन पेश किया है जिसमें मैंने बताया है कि कैसे वह कथित तौर पर सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन, USAID के साथ जुड़े हुए हैं और थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम और US जैसी जगहों पर जाते हैं, और कैसे वह भारत विरोधी ताकतों से जुड़े हुए हैं। मैंने मांग की है कि उनकी मेंबरशिप कैंसिल की जाए और उन्हें ज़िंदगी भर चुनाव लड़ने से रोका जाए।”

राहुल गांधी ने खुद भी दिए प्रतिक्रिया

सरकार द्वारा उनके खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने के बारे में पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “आप पूरी तरह से भाजपा के लिए काम नहीं करते हैं। कम से कम थोड़ा ऑब्जेक्टिव काम करने की कोशिश तो करें, यह सच में शर्मनाक हो जाता है। (Privilege Motion Against Rahul Gandhi) यह बहुत ज़्यादा है। आप ज़िम्मेदार लोग हैं। आप मीडिया के लोग हैं, आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप ऑब्जेक्टिव रहें। आप हर दिन उनके दिए गए एक शब्द को लेकर अपना पूरा शो नहीं चला सकते। आप इस देश का नुकसान कर रहे हैं।”

‘राहुल गांधी सबसे बड़े झूठे’ : गिरिराज सिंह

राहुल गांधी को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, “देश में राहुल गांधी से बड़ा कोई झूठा नहीं है। वह देश में सिविल वॉर शुरू करना चाहते हैं। वह सच के मंदिर में झूठ बोलते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के राज में किसानों के साथ कभी नाइंसाफी नहीं हो सकती। जब कृषि मंत्री और कॉमर्स मंत्री यही भरोसा दिला रहे हैं, तो आपके पास ऐसा क्या है जिसके आधार पर आप गलत जानकारी फैला रहे हैं? जब चीन, कंबोडिया और बरेली से जुड़ी आपकी फाइलें खुलेंगी, तो आपको पता चल जाएगा। भारत के लोगों ने आपको पहचान लिया है और आप दोबारा कभी सत्ता में नहीं आएंगे। उनके (राहुल गांधी) खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया जाना चाहिए।”

‘विशेषाधिकार प्रस्ताव के लिए हम तैयार’ : कांग्रेस

राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाये जाने संबधी खबर पर कांग्रेस के महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी अपना रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा, “हम प्रिविलेज मोशन का सामना करने के लिए तैयार हैं। (Privilege Motion Against Rahul Gandhi) पिछली बार जब उन्होंने उनकी मेंबरशिप कैंसिल करने की कोशिश की थी, तो लोगों ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से ज़्यादा वोट दिए थे। हम पार्लियामेंट में सच बोलते रहेंगे।”

सांसद केसी वेणुगोपाल ने आगे कहा, “हम लगातार शिकायत कर रहे हैं कि हमें चेयर से इंसाफ़ नहीं मिल रहा है। सरकार चेयर पर दबाव डाल रही है कि वह विपक्ष को बोलने का मौका न दे। मुझे पता चला कि राहुल गांधी ने जो कहा था, उसे हटा दिया गया।”

विशेषाधिकार प्रस्ताव क्या होता है?

विशेषाधिकार प्रस्ताव (Privilege Motion) संसद या विधानसभा में लाया जाने वाला एक विशेष प्रस्ताव है। इसे तब लाया जाता है जब किसी सांसद या विधायक को लगता है कि उसके विशेषाधिकारों का उल्लंघन हुआ है या सदन को गुमराह किया गया है। दरअसल सांसदों और विधायकों को कुछ खास अधिकार (विशेषाधिकार) दिए जाते हैं ताकि वे बिना डर और दबाव के सदन में अपनी बात रख सकें। जैसे:

  • सदन में कही गई बात के लिए अदालत में कार्रवाई नहीं हो सकती।

  • सदन की कार्यवाही में बाधा नहीं डाली जा सकती।

  • सही और पूरी जानकारी देने की जिम्मेदारी सरकार की होती है।

कब लाया जाता है विशेषाधिकार प्रस्ताव?

अगर कोई मंत्री या सदस्य सदन में गलत जानकारी देता है, तथ्यों को छिपाता है या किसी सदस्य के अधिकारों में दखल देता है, (Privilege Motion Against Rahul Gandhi) तो उसके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जा सकता है।

प्रक्रिया क्या है?

  • संबंधित सदस्य सदन के अध्यक्ष/स्पीकर को नोटिस देता है।

  • स्पीकर तय करते हैं कि मामला गंभीर है या नहीं।

  • अगर अनुमति मिलती है, तो मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा जा सकता है।

  • समिति जांच कर अपनी रिपोर्ट देती है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की सिफारिश करती है।

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