आईआईटी मुंबई के छात्र ने मौत से पहले दोस्त से परीक्षा में नकल करने पर अफसोस जताया था: पुलिस
आईआईटी मुंबई के छात्र ने मौत से पहले दोस्त से परीक्षा में नकल करने पर अफसोस जताया था: पुलिस
मुंबई, 28 सितंबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे ने 18 सितंबर को परीक्षा में कथित तौर पर नकल करते पकड़े जाने के कुछ देर बाद अपनी एक महिला मित्र को फोन किया था और घटना पर अफसोस जताया था। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
वाकोडे ने परीक्षा में कथित तौर पर नकल करते पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद आत्महत्या कर ली थी।
अधिकारियों ने बताया कि मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की जांच में सामने आया है कि परीक्षा कक्ष की घटना के बाद वाकोडे ने कई दोस्तों को फोन किया था।
संस्थान के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे (22) का शव 18 सितंबर की शाम उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान वाकोडे के कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी। वहीं, उसके माता-पिता ने संस्थान में अपने बेटे के साथ जातिगत भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया है।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, अब तक आईआईटी मुंबई के छात्रों, शिक्षकों और छात्रावास के कर्मचारियों समेत 25 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पूछताछ किए गए लोगों में वे दोस्त भी शामिल हैं, जिन्हें वाकोडे ने परीक्षा खत्म होने और उसी शाम छात्रावास के कमरे में मौत के बीच के समय में फोन किया था।
अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आया है कि वाकोडे ने एक महिला मित्र से बात की थी और मिड-सेमेस्टर परीक्षा में अपने प्रदर्शन को लेकर अफसोस जताया था। पुलिस के अनुसार, उसने कथित तौर पर बताया था कि ‘थर्मोडायनामिक्स’ की परीक्षा में उससे गलती हो गई थी और बाद में परीक्षा में कथित नकल की घटना को लेकर भी उसने अफसोस जताया था।
पुलिस ने वाकोडे के आईफोन को पूरी डिजिटल जानकारी और डिवाइस से जुड़े रिकॉर्ड हासिल करने के लिए तकनीकी जांच हेतु कलिना फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि स्थानीय फॉरेंसिक विशेषज्ञ फोन को अनलॉक करने में असमर्थ रहे, तो पुलिस एप्पल कंपनी से सीधे सहायता मांग सकती है।
इसके अलावा, व्हाट्सऐप से संबंधित खाते की जानकारी साझा करने के लिए औपचारिक अनुरोध भी किया गया है।
जांचकर्ताओं ने कहा कि परीक्षा के बाद घटनाओं के क्रम को सही तरीके से समझने में डिजिटल साक्ष्य के साथ-साथ परिसर से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण होंगे।
सीसीटीवी फुटेज को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्रमाणित कराने के लिए कलिना प्रयोगशाला भी भेजा गया है, ताकि अदालत में साक्ष्य के रूप में उसकी स्वीकार्यता सुनिश्चित की जा सके।
अपराध शाखा वाकोडे के परिवार की ओर से लगाए गए जातिगत उत्पीड़न के आरोपों की भी जांच कर रही है।
वाकोडे के पिता की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। छात्र की मौत के बाद प्रोफेसर डूला को संस्थान में प्रशासनिक मामलों के डीन के पद से हटा दिया गया था।
वाकोडे के पिता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि अपनी अंतिम मुलाकात के दौरान उनके बेटे ने बताया था कि प्रोफेसर डूला पिछले तीन महीने से संस्थान के निदेशक श्रीश केदारे के कहने पर उसके साथ जातिसूचक दुर्व्यवहार कर रहे थे। पिता के अनुसार, उनके बेटे ने यह भी आशंका जताई थी कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा सकता है।
पुलिस ने कहा कि प्रोफेसर डूला का बयान अभी दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं, बयानों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी है।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा

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