सहकारी ऋण समिति में अनियमितताएं: खरात और उसके सहयोगी आवारे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

सहकारी ऋण समिति में अनियमितताएं: खरात और उसके सहयोगी आवारे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

सहकारी ऋण समिति में अनियमितताएं: खरात और उसके सहयोगी आवारे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
Modified Date: May 18, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: May 18, 2026 10:32 pm IST

नासिक, 18 मई (भाषा) नासिक के सिन्नर स्थित एक अदालत ने सोमवार को ‘स्वयंभू बाबा’ अशोक खरात और उसके सहयोगी नामकर्ण आवारे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

खरात पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे इस साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था। बाद में हुई जांच में ‘बेनामी’ बैंक खातों और संदिग्ध भूमि सौदों के माध्यम से कथित वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।

सिन्नर तालुका सहकारी औद्योगिक संपदा (एसटीआईसीई) के अध्यक्ष और खरात के शिवानिका ट्रस्ट के पूर्व सचिव नामकर्ण आवारे को 13 मई को गिरफ्तार किया गया था। शिवानिका ट्रस्ट मीरगांव स्थित ईशानेश्वर मंदिर के प्रशासन की देखरेख करता है।

पुलिस के अनुसार, आवारे को कुंडेवाड़ी स्थित जगदंबा माता सहकारी ऋण समिति में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। आवारे की आत्मकथा ‘आसा मी नामकर्ण’ में खरात की भविष्यवाणियों और ‘आध्यात्मिक शक्तियों’ की जमकर प्रशंसा की गई है।

जगदंबा माता सहकारी ऋण समिति में अनियमितताओं के संबंध में खरात को 12 मई को सिन्नर पुलिस ने हिरासत में लिया था।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप


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