क्या भाजपा तमिलनाडु में अपनी हार पचा नहीं पा रही : राकांपा (शप)
क्या भाजपा तमिलनाडु में अपनी हार पचा नहीं पा रही : राकांपा (शप)
मुंबई, सात मई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) ने तमिलनाडु में हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में खंडित जनादेश के बाद सरकार गठन में हो रही देरी को लेकर बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। पार्टी ने पूछा कि क्या भाजपा राज्य में “अपनी हार पचा नहीं पा रही है।”
राकांपा (शप) ने कहा कि चुनाव में सबसे ज्यादा सीट हासिल करने वाली पार्टी को सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे चार मई को घोषित होने के बाद सरकार गठन को लेकर गतिरोध बना हुआ है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय से कहा है कि उनकी पार्टी के पास सरकार गठन के लिए जरूरी संख्या बल नहीं है।
टीवीके तमिलनाडु की 238 सदस्यीय विधानसभा के लिए हाल में संपन्न चुनावों में 108 सीट पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, उसके पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल (118 सदस्यों का समर्थन) नहीं है।
पांच सीट जीतने वाली कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की है। टीवीके ने वाम दलों सहित कई अन्य पार्टियों से सरकार गठन में सहयोग देने की अपील की है।
राकांपा (शप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने एक बयान में कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक प्रमुख हैं और उन्हें निष्पक्षता के साथ, बिना किसी डर या पक्षपात के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
क्रास्टो ने कहा, “विजय के नेतृत्व वाली टीवीके तमिलनाडु चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्या बल जुटाने के लिए उसे अन्य दलों का भी समर्थन हासिल है। राज्यपाल को संविधान के अनुसार जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए और टीवीके तथा विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।”
उन्होंने सवाल किया, “क्या भाजपा तमिलनाडु में केंद्र की अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है। क्या वह अपनी हार को पचा नहीं पा रही है?”
राकांपा (शप) महासचिव रोहित पवार ने भी तमिलनाडु में विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने में हो रही देरी की आलोचना की, जबकि उनकी टीवीके चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और उसे कांग्रेस का भी समर्थन हासिल है।
पवार ने इसकी तुलना 2018 में कर्नाटक में दिखी राजनीतिक स्थिति से की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के तत्कालीन राज्यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था और बीएस येदियुरप्पा को शपथ दिलाई थी, जबकि पार्टी के पास बहुमत नहीं था।
पवार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “2018 में कर्नाटक में बहुमत न होने के बावजूद भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था। लेकिन तमिलनाडु में जनता ने भाजपा को नकार कर टीवीके को सबसे ज्यादा सीट दी हैं, इसके बावजूद विजय को अभी तक सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।”
उन्होंने कहा कि अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या तमिलनाडु में महाराष्ट्र, गोवा और दिल्ली जैसा राजनीतिक “पैटर्न” अपनाने का प्रयास किया जा रहा है।
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश

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