केतन अग्रवाल हत्याकांड :मुख्यमंत्री फडणवीस ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया

केतन अग्रवाल हत्याकांड :मुख्यमंत्री फडणवीस ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया

केतन अग्रवाल हत्याकांड :मुख्यमंत्री फडणवीस ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया
Modified Date: June 26, 2026 / 04:54 pm IST
Published Date: June 26, 2026 4:54 pm IST

मुंबई, 26 जून (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल के परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

केतन अग्रवाल को कथित तौर पर उनकी मंगेतर और उसके प्रेमी ने लोहागढ़ किले से धक्का देकर हत्या कर दी थी।

फडणवीस ने अग्रवाल परिवार की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया है कि मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में कराई जाए।

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुणे में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और बेटे के लिए न्याय की मांग की।

केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे ज़िले के मावल तालुका में स्थित लोहागढ़ किले की एक चट्टान से केतन को खाई में धक्का दे दिया था।

पुलिस के मुताबिक सिया और केतन (25) की शादी नवंबर में होने वाली थी, लेकिन सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी। आरोप है कि सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने की साज़िश रची और उस योजना को अंजाम दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, केतन के पिता के साथ बैठक के दौरान फडणवीस ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

फडणवीस ने परिवार की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया कि मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में करवाई जाए। उन्होंने इस मामले की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को नियुक्त करने की मंजूरी भी दे दी है।

बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कानून और न्याय विभाग के सचिव को निकम की नियुक्ति के लिए ज़रूरी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है और उन्हें लोक अभियोजक के तौर पर पेश होने के लिए अपनी सहमति दे दी है।

इस बीच, फडणवीस ने पुणे में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि लोहगढ़ किले की घटना एक चिंताजनक सामाजिक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिस पर गहराई से आत्म-चिंतन करने की आवश्यकता है।

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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