लातूर के भूमिहीन किसान दंपत्ति को दूसरा बैल दिया जाएगा : फडणवीस
लातूर के भूमिहीन किसान दंपत्ति को दूसरा बैल दिया जाएगा : फडणवीस
मुंबई, 12 जून (भाषा) महाराष्ट्र के लातूर जिले में आकाशीय बिजली गिरने के कारण अपने बैल को गंवाने के बाद पत्नी को हल में जोतने वाले गरीब किसान को अब सरकार की मदद से उसकी पसंद का एक नया और स्वस्थ बैल मिलेगा। दो दिन पहले प्रदान किए गए पशु को “कृषि कार्य के लिए अनुपयुक्त” पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने लातूर के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि किसान दंपति को बाजार ले जाकर उनकी पसंद का बैल खरीदने की व्यवस्था की जाए।
सरकार ने भूमिहीन किसान काशीनाथ गायकवाड़ को एक बैल मुहैया कराया था। यह कदम तब उठाया गया जब ऐसी खबरें सामने आईं कि पांच जून को आकाशीय बिजली गिरने से मरे बैल की जगह उसे कृषि कार्य करने के लिए अपनी पत्नी को हल में जोतना पड़ा था।
मध्य महाराष्ट्र के लातूर जिले की देवनी तहसील के बॉम्बली खुर्द गांव के निवासी गायकवाड़ स्थानीय किसानों के खेतों में जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए बैलों की एक जोड़ी पर निर्भर थे, जिससे होने वाली कमाई ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन थी।
पांच जून को आए तूफान के दौरान बिजली गिरने से उसके एक बैल की मौत हो गई, जिसके बाद वह खरीफ सीजन से पहले शुरू किए गए कृषि कार्यों को जारी रखने में असमर्थ हो गया। खबरों के अनुसार, उसने काम जारी रखने के लिए अपनी पत्नी होसाबाई को बैल की जगह इस्तेमाल किया था।
दंपति की स्थिति से प्रभावित होकर फडणवीस ने तत्काल अधिकारियों को परिवार को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी ने लातूर जिला प्रशासन से समन्वय किया, जबकि जिलाधिकारी भरत बस्तेवाड़ ने राजस्व, कृषि और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग ने एक बैल की व्यवस्था की, जिसे दो दिन पहले जिलाधिकारी और स्थानीय राजस्व अधिकारियों सहित जिला अधिकारियों की उपस्थिति में परिवार को सौंपा गया।
अधिकारियों ने प्राकृतिक आपदा के कारण हुई पशु मृत्यु पर मुआवजे के लिए आवश्यक अनिवार्य जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। आपदा राहत मानदंडों के तहत स्वीकृत वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी गई है और उसे सीधे गायकवाड़ के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जा रहा है।
अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए होसाबाई गायकवाड़ ने कहा कि बैल की मौत के बाद परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा था, लेकिन सरकार की त्वरित कार्रवाई से आगामी सीजन में कृषि कार्यों को लेकर उनकी चिंताएं काफी हद तक कम हुई हैं।
भाषा
धीरज पवनेश
पवनेश

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