महाराष्ट्र बजट : पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए पुलिस को शरीर पर लगाने वाले कैमरे मिलेंगे

महाराष्ट्र बजट : पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए पुलिस को शरीर पर लगाने वाले कैमरे मिलेंगे

महाराष्ट्र बजट : पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए पुलिस को शरीर पर लगाने वाले कैमरे मिलेंगे
Modified Date: March 6, 2026 / 09:02 pm IST
Published Date: March 6, 2026 9:02 pm IST

मुंबई, छह मार्च (भाषा) पुलिस बल को आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम के तहत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए अगले तीन वर्षों में पुलिसकर्मियों को शरीर पर लगाये जाने वाले कैमरे से लैस किया जाएगा।

फडणवीस ने राज्य के 2026-27 के बजट में तकनीकी सुधार पेश किया, जिसमें डिजिटल शासन, साइबर सुरक्षा, पुलिसिंग और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के उपायों की घोषणा की गई। इसके साथ ही संपत्ति विवादों को कम करने और भूमि लेनदेन में पारदर्शिता में सुधार के लिए कानूनी सुधारों का प्रस्ताव भी रखा गया।

उन्होंने कहा कि विकसित महाराष्ट्र 2047 पहल के तहत स्मार्ट पुलिसिंग और न्याय वितरण के लिए पुलिस कर्मियों को तीन साल में चरणबद्ध तरीके से शरीर पर लगाये जाने वाले कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र भूमि स्वामित्व विधेयक का भी प्रस्ताव रखा जिसका उद्देश्य स्वामित्व विवादों को कम करना, संपत्ति हस्तांतरण में अनियमितताओं को रोकना और नागरिकों के संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

सरकार ने शासन प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह भूमि लेनदेन के 100 प्रतिशत को कम्प्यूटरीकृत करने, सभी विभागों में पूरी तरह से कार्यात्मक ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने और कागज रहित सरकारी संचालन की ओर बढ़ने की योजना बना रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य के संप्रभु डेटा और सरकारी ऐप की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागपुर में एक अत्याधुनिक राज्य डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरेंसिक जांच क्षमताओं को मजबूत करने के लिए, अपराध स्थलों के त्वरित और अधिक कुशल विश्लेषण हेतु प्रायोगिक तौर पर राज्य में 21 सचल फोरेंसिक वाहन तैनात किए गए हैं।

सरकार ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए, वह वन्यजीवों की गतिविधियों का शीघ्र पता लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणालियां, रात्रि गश्त के लिए थर्मल ड्रोन, एक कमान एवं नियंत्रण केंद्र और सौर बाड़ जैसे उपाय लागू करेगी।

भाषा अमित रंजन

रंजन


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