महाराष्ट्र ने भर्ती परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की
महाराष्ट्र ने भर्ती परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की
मुंबई, पांच सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में मौजूदा भर्ती परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा करने और इसे अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, विश्वसनीय तथा अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने के उपाय सुझाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी एक शासनादेश (जीआर) में बताया गया कि समिति गठित करने का फैसला 12 अगस्त को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया था।
जीआर के अनुसार, समीक्षा में प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी जांच, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता एवं सुरक्षित रखरखाव, परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल, कदाचार की रोकथाम, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, शिकायत निवारण तथा अभ्यर्थियों के समग्र परीक्षा अनुभव समेत पूरी परीक्षा प्रक्रिया को शामिल किया जाएगा।
सात-सदस्यीय समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग (सेवा) वी. राधा करेंगी।
समिति के सदस्यों में महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते और इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग सचिव वीरेंद्र सिंह शामिल हैं। पशुपालन, डेरी विकास एवं मत्स्य विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी सदस्य-सचिव होंगे।
अन्य सदस्यों में नासिक के संभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, पूर्व एयर मार्शल अजीत शंकरराव भोसले, जो संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के पूर्व सदस्य भी हैं, तथा आईआईटी बंबई के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर श्यामप्रसाद करगड्डे शामिल हैं।
समिति को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, प्राधिकरणों और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों द्वारा अपनाई जाने वाली भर्ती परीक्षा प्रणालियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करने का जिम्मा सौंपा गया है। यह भर्ती परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, विश्वसनीय और निष्पक्ष बनाने तथा अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों के लिए स्वीकार्य बनाने के लिए व्यापक उपाय सुझाएगी।
समिति विशेष रूप से प्रश्नपत्र तैयार करने, परीक्षण और समीक्षा, प्रश्नों के कई सेट तैयार करने, प्रश्नपत्रों की छपाई या डिजिटल वितरण, गोपनीयता, प्रश्नपत्रों के रखरखाव और परिवहन, परीक्षा संचालन, उत्तर दर्ज करने, मूल्यांकन तथा परिणाम घोषित करने से जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच करेगी।
यह सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल प्रणालियों और सुरक्षा प्रौद्योगिकी के प्रभावी इस्तेमाल के उपाय भी सुझाएगी।
समिति अभ्यर्थियों की शिकायतों के प्रभावी निवारण और उनके साथ बेहतर संवाद के उपाय भी सुझाएगी तथा परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता में उनका भरोसा मजबूत करने के लिए कदमों की सिफारिश करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि समिति को व्यापक अध्ययन करने, हितधारकों से व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन माध्यमों से परामर्श करने और अपनी सिफारिशों के साथ एक समावेशी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
भाषा अमित सुरेश
सुरेश

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