Maharashtra Earthquake/ Image Source : file
Maharashtra Earthquake: भारी बारिश के बीच महाराष्ट्र में भूकंप के तेज झटकों से दहल उठा हैं। मराठवाड़ा इलाके के नांदेड़, हिंगोली और परभणी जिलों में रात करीब 1.37 बजे से 3.23 बजे के बीच भूकंप के झटके महसूस किये गए है। देर रात धरती हिलने से लोग दहशत में आ गए और अपनी जान बचाने घरों से बाहर आ गए। भूकंप की तीव्रता 3.6 से 4.6 के बीच मापी गई।
Maharashtra Earthquake मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिंगोली, नांदेड़ और परभणी जिलों में भूकंप के चार हल्के झटके महसूस किए गए। राहत की बात यह है कि कही भी कोई जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कि हिंगोली, नांदेड़ और परभणी इलाकों के कई लोगों ने इन झटकों को महसूस किया। भूकंप का केंद्र हिंगोली जिले के वसमत तालुका में पांगरा शिंदे गांव के दक्षिण में शिरली गांव के पास था। इसकी गहराई 10 किलोमीटर मापी गई। बाद के दो झटकों के केंद्र पांगरा शिंदे गांव के उत्तर-पश्चिम में स्थित ककड़धाबा गांव के पास थे।
Maharashtra Earthquake टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर- जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं, अलग होती हैं या एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं, तो चट्टानों में तनाव पैदा होता है। तनाव अधिक होने पर चट्टानें अचानक टूटती या खिसकती हैं, जिससे ऊर्जा निकलती है और भूकंप आता है।
ज्वालामुखीय गतिविधि- सक्रिय ज्वालामुखी वाले क्षेत्रों में मैग्मा की हलचल के कारण भी भूकंप आ सकते हैं।
मानवीय गतिविधियां- बड़े बांधों में पानी भरना, गहरी खनन गतिविधियां, तेल-गैस का अत्यधिक दोहन या भूमिगत परमाणु परीक्षण भी कुछ मामलों में छोटे भूकंप का कारण बन सकते हैं।
Maharashtra Earthquake हाइपोसेंटर (Focus): पृथ्वी के अंदर वह स्थान जहां से भूकंप शुरू होता है।
एपिसेंटर (Epicenter): पृथ्वी की सतह पर वह बिंदु जो फोकस के ठीक ऊपर होता है। यहां झटके सबसे अधिक महसूस किए जाते हैं।
भूकंप पृथ्वी की एक प्राकृतिक भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है और अधिकांश बड़े भूकंप टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि के कारण ही आते हैं।