महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव : उद्योगपति अरुण लखानी समेत 40 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव : उद्योगपति अरुण लखानी समेत 40 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव : उद्योगपति अरुण लखानी समेत 40 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए
Modified Date: June 1, 2026 / 09:29 pm IST
Published Date: June 1, 2026 9:29 pm IST

मुंबई, एक जून (भाषा) महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव के मद्देनजर उद्योगपति अरुण लखानी समेत 40 उम्मीदवारों ने सोमवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।

इनमें महायुति और विपक्षी महाविकास आघाडी (एमवीए) के उम्मीदवार शामिल हैं। उम्मीदवारों के चयन को लेकर दोनों खेमों में नाराजगी की चर्चा भी तेज रही।

सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 11 सीटों पर, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना चार सीटों पर जबकि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

वहीं, विपक्षी महाविकास आघाडी में कांग्रेस सबसे अधिक आठ सीटों पर, उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) छह सीटों पर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) तीन सीटों पर मैदान में है।

स्थानीय स्वशासी निकायों से संबंधित 16 विधान परिषद सीटों तथा नागपुर स्थानीय निकाय सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 18 जून को होगा।

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच दो जून को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि चार जून है। मतगणना 22 जून को की जाएगी।

इन चुनावों के लिए स्थानीय स्वशासी निकायों के निर्वाचित सदस्य निर्वाचन मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) का हिस्सा होते हैं।

वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में उद्योगपति अरुण लखानी के मैदान में उतरने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि उनके पुत्र सारंग लखानी का विवाह राकांपा (शरदचंद्र पवार) नेता सुप्रिया सुले की पुत्री रेवती सुले से होने वाला है।

लखानी ने सोमवार को कहा कि राजनीति और पारिवारिक रिश्ते अलग-अलग विषय हैं।

जब उनसे पूछा गया कि उनकी राजनीतिक संबद्धता और पवार परिवार से संबंध क्या कोई विशेष समीकरण बनाते हैं, तो उन्होंने कहा कि राजनीति अलग विषय है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी विचारधाराओं को लेकर प्रतिबद्ध हैं।

इस बीच, राकांपा द्वारा पुणे सीट से विक्रम काकड़े को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई। विक्रम काकड़े और उनके पिता एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य संजय काकड़े सोमवार को सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा में शामिल हुए थे।

विक्रम काकड़े और राकांपा की पुणे इकाई के अध्यक्ष सुनील टिंगड़े ने नामांकन दाखिल किया, जिससे तिंगरे के कदम को लेकर बगावत की अटकलें लगने लगीं।

राकांपा प्रवक्ता उमेश पाटिल ने स्पष्ट किया कि काकड़े ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं, जबकि टिंगड़े ‘समर्थक’ (डमी) उम्मीदवार हैं। हालांकि नामांकन दाखिल करने के बाद टिंगड़े ने कहा कि उनका आवेदन ‘‘नकली’’ नहीं है।

विपक्ष ने महायुति दलों पर वरिष्ठ नेताओं के परिजनों को उम्मीदवार बनाने का आरोप लगाया है।

राकांपा ने रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट से वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे के पुत्र अनिकेत तटकरे को उम्मीदवार बनाया है।

एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना ने ठाणे सीट से रवींद्र पाठक और नासिक सीट से नरेंद्र दराडे को फिर से उम्मीदवार बनाया है।

शिवसेना ने परभणी-हिंगोली स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से सईद खान और यवतमाल सीट से दुष्यंत चतुर्वेदी को उम्मीदवार बनाया है। इस बीच, राज्य मंत्री और शिवसेना नेता संजय राठौड़ की पत्नी शीतल राठौड़ ने भी नामांकन दाखिल किया।

शिवसेना के सूत्रों का दावा है कि यदि चतुर्वेदी का नामांकन किसी पुराने आरोप को लेकर भाजपा और अन्य दलों की आपत्तियों के कारण खारिज हो जाता है, तो शीतल राठौड़ का नामांकन ‘बैकअप’ के तौर पर रखा गया है।

भाजपा ने भंडारा-गोंदिया से अविनाश ब्रह्मणकर, अमरावती से प्रवीण पोटे पाटिल, सांगली-सतारा से धैर्यशील कदम, सोलापुर से राजेंद्र राउत, छत्रपति संभाजीनगर-जालना से सुहास शिरसाट, नांदेड़ से अमर राजुरकर, धाराशिव-लातूर-बीड से बसवराज पाटिल और जलगांव से नंदकिशोर महाजन को उम्मीदवार बनाया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य चंद्रशेखर बावनकुले के विधानसभा सदस्य चुने जाने के कारण रिक्त हुई नागपुर सीट के उपचुनाव के लिए राजीव पोटदार ने नामांकन दाखिल किया है।

पोटदार का मुकाबला कांग्रेस नेता अतुल लोंढे से होगा। नागपुर सीट का कार्यकाल वर्ष 2028 तक है।

नागपुर उपचुनाव के लिए कुल पांच उम्मीदवारों ने छह नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। पोटदार ने दो अलग-अलग सेट में नामांकन पत्र दाखिल किए। अन्य उम्मीदवारों में निर्दलीय राजेश जंगल और सुरेंद्र लोही तथा कांग्रेस के दिनेश ढोले और अतुल लोंढे शामिल हैं।

विपक्षी खेमे में कांग्रेस ने वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली से शैलेश अग्रवाल, यवतमाल से साहेबराव कांबले, अमरावती से हर्षदीप देशमुख, लातूर-बीड-धाराशिव से महेश देशमुख, सोलापुर से आदित्य फतेहपुरकर और भंडारा-गोंदिया से दिलीप बंसोड़ को उम्मीदवार बनाया है।

भंडारा-गोंदिया में निर्दलीय उम्मीदवों प्रफुल्ल अग्रवाल और नरेश ईश्वरकर ने भी नामांकन दाखिल किए हैं। नांदेड़ सीट से कांग्रेस के रामदास पाटिल सुखतंकर ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि माधवराव जावलगांवकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

अहिल्यानगर में कांग्रेस के करण ससाणे और शिवसेना (उबाठा) के मच्छिंद्र धुमाल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।

राकांपा (शरदचंद्र पवार) की ओर से ठाणे से अभिजीत पवार और सोलापुर से वसंतराव देशमुख ने नामांकन दाखिल किए हैं। पुणे से श्रीकांत पाटिल और तुषार कामटे तथा सतारा-सांगली से अभयसिंह जगताप और प्रताप पाटिल चुनाव मैदान में हैं।

राकांपा (शप) के एक पदाधिकारी ने कहा कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद ही चुनाव मैदान में उम्मीदवारों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।

शिवसेना (उबाठा) की ओर से देवयानी पाटिल डोंगांवकर, विवेक नवांदर और बाल माने ने क्रमशः छत्रपति संभाजीनगर-जालना, परभणी-हिंगोली और रत्नागिरी-रायगढ़-सिंधुदुर्ग सीटों से नामांकन दाखिल किया है।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने नासिक सीट पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।

इस बीच, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा कि नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार की जा रही है।

भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश

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