महाराष्ट्र: लू के कारण आंगनवाड़ी जाने वाले बच्चों के लिए एक महीने की छुट्टी की सिफारिश

महाराष्ट्र: लू के कारण आंगनवाड़ी जाने वाले बच्चों के लिए एक महीने की छुट्टी की सिफारिश

महाराष्ट्र:  लू के कारण आंगनवाड़ी जाने वाले बच्चों के लिए एक महीने की छुट्टी की सिफारिश
Modified Date: May 14, 2026 / 08:14 pm IST
Published Date: May 14, 2026 8:14 pm IST

मुंबई, 14 मई (भाषा) महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लू के मद्देनजर बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने आंगनवाड़ियों में आने वाले बच्चों को एक महीने की छुट्टी देने की सिफारिश की और सरकार से इस दौरान पूरक पोषण उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा।

महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के आयुक्त को बच्चों को लू लगने के खतरे से बचाने के लिए वैधानिक निर्देश जारी किए।

आयोग के सदस्य संजय लाखे पाटिल ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के कई जिलों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।

आयोग ने सुझाव दिया कि भारत के उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार, घर ले जाने वाले राशन के पैकेटों के माध्यम से पूरक पोषण उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग को भी इन सिफारिशों पर की गई कार्रवाई पर आठ दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

लाखे पाटिल ने बताया कि आयोग ने 27 अप्रैल को महिला एवं बाल विकास विभाग को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी थी लेकिन बार-बार याद दिलाने के बावजूद विभाग से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि आयोग ने रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी पर असंतोष व्यक्त किया।

आयोग के अध्यक्ष संजय पुराणिक की अध्यक्षता में 12 मई को हुई बैठक में इस सिफारिश को अंतिम रूप दिया गया।

आयोग ने पाया कि राज्य में स्कूल आमतौर पर मई के पहले सप्ताह में गर्मियों की छुट्टियों के लिए बंद हो जाते हैं लेकिन भीषण गर्मी के बावजूद बच्चे आंगनवाड़ियों में आते रहते हैं।

आयोग ने यह भी बताया कि कई परिवार स्कूल की छुट्टियों के दौरान यात्रा करते हैं, जिससे उपस्थिति कम हो जाती है और पोषण कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन पर असर पड़ता है।

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश


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