मुंबई, 23 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र परिवहन विभाग द्वारा मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं रखने वाले ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सत्तारूढ़ शिवसेना के कई विधायकों ने राज्य सरकार से उदार रुख अपनाने और चालकों को भाषा सीखने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया है।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक से ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी का व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्रवाई से परिवारों की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सरनाइक से ‘‘उदार रुख’’ अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि चालकों को धमकाया या डराया नहीं जाना चाहिए।
निरुपम ने कहा कि सरकार की कार्रवाई के बाद ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों में डर है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चालकों को मराठी आनी चाहिए।
बीस अगस्त को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) ने मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने के कारण 1,268 वाणिज्यिक यात्री वाहन चालकों को नोटिस जारी किए थे। इसके एक दिन बाद महाराष्ट्र भर में मराठी नहीं बोलने वाले 1,499 चालकों को नोटिस जारी किए गए।
सरनाइक ने बुधवार को एक महीने के अभियान की घोषणा करते हुए कहा था कि सरकार का इरादा किसी की आजीविका छीनना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मराठी भाषा तथा राज्य की पहचान और संस्कृति संरक्षित रहे।
उन्होंने कहा कि 105 दिनों के अभियान के दौरान 1.65 लाख चालक पहले ही मराठी भाषा का प्रशिक्षण ले चुके हैं और उन्हें प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं।
मराठी मानुष के मुद्दे की पैरवी करने वाली शिवसेना के मुंबई में छह विधायक हैं। इनमें से तीन ऐसे इलाकों से आते हैं जहां उत्तर भारतीय आबादी काफी संख्या में है। इनमें से कई विधायकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मराठी भाषा की कक्षाएं आयोजित कीं।
कुर्ला से शिवसेना विधायक मंगेश कुडालकर ने कहा कि ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान होना जरूरी है लेकिन उन्हें भाषा सीखने के लिए और समय दिया जाना चाहिए।
कुडालकर ने बताया कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में चालकों के लिए मराठी की कक्षाओं का इंतजाम किया।
उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मैंने परिवहन मंत्री से चालकों को मराठी सीखने के लिए और समय देने को भी कहा है।’’
उन्होंने बताया कि करीब 60 से 70 प्रतिशत चालकों ने परिवहन विभाग द्वारा आयोजित भाषा की कक्षाओं में हिस्सा लिया है।
चांदिवली से शिवसेना विधायक दिलीप लांडे ने कहा कि उन्होंने भी अपने निर्वाचन क्षेत्र में दो हॉल बुक कराकर मराठी भाषा की कक्षाएं आयोजित कीं।
विधायक ने बताया कि कुल 4,730 चालकों ने परीक्षा पास की है। वह 1,840 सदस्यों वाले ऑटोरिक्शा यूनियन के प्रमुख भी हैं।
अंधेरी ईस्ट से शिवसेना के एक अन्य विधायक मुर्जी पटेल ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में 5,200 चालकों ने भाषा का प्रशिक्षण लिया, जिनमें से 5,130 ने परीक्षा पास की।
पटेल ने कहा कि उन्होंने सरनाइक से बात की है, जिन्होंने ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों को भाषा सीखने के लिए अतिरिक्त समय देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में करीब 65,000 उत्तर भारतीय मतदाता हैं।
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