महायुति के नेताओं ने शिवसेना (उबाठा)-मनसे के घोषणापत्र की आलोचना की
महायुति के नेताओं ने शिवसेना (उबाठा)-मनसे के घोषणापत्र की आलोचना की
मुंबई, चार जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली महायुति के नेताओं ने रविवार को आगामी बीएमसी चुनावों के लिए शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा जारी घोषणापत्र की आलोचना करते हुए इसे ‘अपचन नामा’, “तमाशा” और ‘बॉम्बे स्कॉटिश की छाप वाला दस्तावेज’ करार दिया।
इससे पहले दिन में, शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसमें कोली समुदाय की घरेलू सहायिकाओं और महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, 100 यूनिट मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य, सार्वजनिक परिवहन और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का वादा किया गया है।
राज्य के मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार ने ठाकरे परिवार के चचेरे भाइयों पर बड़े-बड़े वादे करने का आरोप लगाया और कहा कि मतदाता उन्हें बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा, “इस तरह के आश्वासनों को सुनकर लोगों में अपच पैदा हो जाती है। इसलिए, यह ‘वचननामा’ (वादा पत्र) नहीं बल्कि ‘अपचननामा’ (अपच का नोट) है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा जल्द ही जनता के सामने अविभाजित शिवसेना के शासनकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेगी।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे भ्रामक वादों के झांसे में न आएं, बल्कि भाजपा का दृढ़ता से समर्थन करें।
इसी बीच, जालना में राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणापत्र को एक ‘मजाक’ और ‘खोखले वादों’ का संग्रह बताया।
बावनकुले ने दावा किया, “महाराष्ट्र के लोगों ने पिछले 25 वर्षों से उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में और मुंबई (बीएमसी) में उनकी पार्टी के शासन को देखा है। मुख्यमंत्री होने के बावजूद, वे विधानसभा में केवल दो बार ही उपस्थित हुए।”
सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भागीदार प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के राहुल शेवाले ने कहा कि चुनावी वादे के दस्तावेज पर मुंबई के एक प्रतिष्ठित स्कूल बॉम्बे स्कॉटिश की मुहर लगी है। उनका यह बयान स्पष्ट रूप से आदित्य ठाकरे और राज के बेटे अमित ठाकरे की ओर इशारा था। आदित्य और अमित इस संस्थान के पूर्व छात्र हैं।
शेवाले ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनावी घोषणापत्र में हिंदू, हिंदुत्व और ‘हिंदू हृदय सम्राट’ जैसे शब्दों को जानबूझकर शामिल नहीं किया गया है ताकि एक विशेष समुदाय को खुश किया जा सके।
उन्होंने कहा कि ‘मराठी मानुष’ पर केंद्रित होने का दावा करने वाले इस घोषणापत्र में 40 प्रतिशत शब्द अंग्रेजी के हैं।
उन्होंने दावा है किया कि मराठी के अलावा किसी अन्य भाषा का उपयोग करना मराठी भाषा का दमन है।
भाषा
राखी प्रशांत
प्रशांत

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