मुंबई में भारी बारिश के बीच खुले मैनहोल में गिरने से व्यक्ति की मौत, चार अधिकारी निलंबित

मुंबई में भारी बारिश के बीच खुले मैनहोल में गिरने से व्यक्ति की मौत, चार अधिकारी निलंबित

मुंबई में भारी बारिश के बीच खुले मैनहोल में गिरने से व्यक्ति की मौत, चार अधिकारी निलंबित
Modified Date: July 2, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: July 2, 2026 10:32 pm IST

(फोटो के साथ)

मुंबई, दो जुलाई (भाषा) मुंबई में बृहस्पतिवार को भारी बारिश के बीच खुले मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया और उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

चांदीवली क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद मानसून की तैयारियों को लेकर विभिन्न नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। यह इस सप्ताह शहर में बारिश के कारण हुई मौत का दूसरा मामला है।

घटनास्थल का दौरा करने के बाद महापौर ऋतु तावड़े ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। बीएमसी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इस मामले में संबंधित ठेकेदार को काली सूची में डाल दिया गया है।

बीएमसी अधिकारियों के अनुसार खारियानी रोड पर सीवर लाइन के एक मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने के लिए तीन संविदा कर्मियों ने मैनहोल का ढक्कन हटाया हुआ था।

उन्होंने कहा कि इसी दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन पर बात करते समय व्यक्ति गलती से खुले मैनहोल में गिर गया।

अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन दल और महानगरपालिका की आपदा प्रबंधन टीम ने संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव अभियान चलाया, जिसके बाद व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया।

खैरानी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दिखा कि असलम इस्हाक शेख नामक व्यक्ति एक टेम्पो के पास से गुजरते हुए अचानक गायब हो गए। फुटेज में यह भी दिखा कि मौके पर मौजूद कर्मचारी खुले मैनहोल में झांक रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों ने उन्हें खोजने के लिए मैनहोल में एक सीढ़ी डाली, लेकिन उन्हें केवल उनकी छतरी और चप्पलें मिलीं।

अधिकारियों ने बताया कि तेज पानी के बहाव के कारण शुरू में यह पता लगाना संभव नहीं था कि वह बहकर किस दिशा में गए।

उन्होंने कहा कि बाद में व्यक्ति उस स्थान से कुछ दूरी पर मिला जहां वह गिरे थे।

एक अधिकारी ने कहा, “उपकरणों से लैस एक दमकलकर्मी भूमिगत लाइन में उतरा और व्यक्ति को बाहर निकाला गया।”

बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि शेख को नगर निगम द्वारा संचालित राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि उनकी मौत हो चुकी है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि एल-वार्ड के चार नगर निगम अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जिनमें सहायक आयुक्त धनाजी हरलेकर, सहायक/उप अभियंता (रखरखाव) दीपक चौगुले, कनिष्ठ अभियंता (रखरखाव) अभिजीत चौगुले और सहायक अभियंता (सीवरेज संचालन) उत्तम पाटिल शामिल हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि ठेकेदार ने घटनास्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित नहीं किए थे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि ठेकेदार को काली सूची में डाल दिया गया है।

नगर आयुक्त अश्विनी भिडे ने मामले की जांच करने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाने के लिए अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि समिति को सात दिन में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।

नगर निकाय ने सभी विभागों को मैनहोल से जुड़े कार्यस्थलों के आसपास बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है और अगले आठ दिन में मुंबई के सभी मैनहोल का निरीक्षण करने का आदेश दिया है।

बीएमसी ने कहा कि शेख मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। बताया गया है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें सावधान करने की कोशिश की, लेकिन उनका संतुलन बिगड़ गया और वह मैनहोल में गिर गए।

महापौर तावड़े ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया और अस्पताल में शेख के बेटे तथा परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात करके संवेदनाएं व्यक्त कीं।

महापौर ने कहा कि जब भारी बारिश की चेतावनी पहले से जारी थी, तो मैनहोल खोलने की कोई जरूरत नहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा कोई भी काम बर्दाश्त नहीं करूंगी जिससे लोगों की जान खतरे में पड़े। सार्वजनिक स्थलों पर काम करते समय लोगों की सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक खुले मैनहोल के कारण निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई।’

उप महापौर संजय घाडी ने कहा कि नगर निकाय ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कराएगा और उसे “गैर-इरादतन हत्या” के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

शिवसेना (उबाठा) के नेता और विधान परिषद सदस्य मिलिंद नार्वेकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भिडे का बचाव करते हुए कहा कि इस घटना के लिए केवल उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को टैग करते हुए नार्वेकर ने कहा कि यह घटना ‘बेहद गंभीर और चौंकाने वाली’ है और स्थानीय स्तर पर जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त पर जिम्मेदारी तय करने से पहले स्थानीय अधिकारियों की किसी भी लापरवाही की जांच की जानी चाहिए।

शिवसेना (उबाठा) की नेता और बीएमसी में नेता प्रतिपक्ष किशोरी पेडणेकर ने घटना को स्तब्धकारी बताया।

उन्होंने खुले मैनहोल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अभाव पर सवाल उठाया।

पूर्व सांसद और शिवसेना नेता मिलिंद देवड़ा ने इसे रोकी जा सकने वाली त्रासदी बताया और जवाबदेही की मांग की।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “बेहतर बुनियादी नागरिक सुरक्षा व्यवस्था से पहले मुंबईवासियों को और कितनी मौतें देखनी होंगी? खुले मैनहोल के कारण हुईं ऐसी दुर्घटनाएं केवल ‘दुर्घटनाएं’ नहीं हैं, बल्कि लापरवाही, विफल प्रणालियों और जवाबदेही की कमी का परिणाम हैं।”

यह मामला महाराष्ट्र विधानसभा में भी उठाया गया।

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मैनहोल में हुई मौत को गंभीर मामला बताया और कहा कि यह “गैर-इरादतन हत्या” के समान है।

उन्होंने राज्य सरकार से दिन की कार्यवाही समाप्त होने से पहले इस घटना पर सदन में विस्तृत बयान देने को भी कहा।

शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि प्रथम दृष्टया सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में गंभीर चूक हुई है। उन्होंने सदन को बताया कि सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि सुरक्षा ग्रिल लगाने के लिए कर्मचारियों ने मैनहोल का ढक्कन खोल रखा था, लेकिन उसके चारों ओर अनिवार्य बैरिकेडिंग नहीं की गई थी।

इस सप्ताह शहर में बारिश के कारण हुई मौत का यह दूसरा मामला है। पूर्वी मुंबई के चेंबूर इलाके में एक पीपल का पेड़ सड़क किनारे खड़ी एक स्कूल बस पर गिर गया था, जिससे 11 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी और चार अन्य बच्चे घायल हो गए थे।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश


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