पुणे के अस्पताल में एक व्यक्ति ने इलाज के लिए पैसे वसूलने के मकसद से आईईडी रखा : पुलिस

पुणे के अस्पताल में एक व्यक्ति ने इलाज के लिए पैसे वसूलने के मकसद से आईईडी रखा : पुलिस

पुणे के अस्पताल में एक व्यक्ति ने इलाज के लिए पैसे वसूलने के मकसद से आईईडी रखा : पुलिस
Modified Date: May 15, 2026 / 07:19 pm IST
Published Date: May 15, 2026 7:19 pm IST

पुणे/नागपुर, 15 मई (भाषा) पुणे के एक निजी अस्पताल में आईईडी रखने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति ने अस्पताल से पैसे वसूलने के लिए ऐसा किया क्योंकि उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने पुणे के एक निजी अस्पताल से संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) बरामद किए जाने के सिलसिले में रेलवे सुरक्षा बल की मदद से नागपुर में शालीमार एक्सप्रेस से आरोपी शिवाजी राठौड़ को पकड़ा है, जो फरार होने की फिराक में था। ट्रेन (नंबर 18029) मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से पश्चिम बंगाल में हावड़ा के पास शालीमार जा रही थी।

उन्होंने बताया कि राठौड़ पुणे के मंजरी इलाके का रहने वाला है जहां उसकी एक दुकान है।

पुणे के हडपसर स्थित ऊषा किरण अस्पताल के शौचालय में बुधवार शाम विस्फोटक उपकरण बरामद किया गया जिसे बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। पुणे पुलिस, अपराध शाखा और एटीएस की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है।

पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने संवाददाताओं ने कहा, ‘‘जांच के दौरान उसकी (राठौड़) दुकान से आईईडी में इस्तेमाल किए गए टाइमर का खाली डिब्बा बरामद हुआ।’’

कुमार ने बताया कि 10 मई को राठौड़ इलाज के लिए उषाकिरण अस्पताल गया था, लेकिन उसे बताई गई अनुमानित लागत अधिक थी और उसके पास पैसे की कमी थी।

पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘इसके बाद उसने अस्पताल में बम लगाने की योजना बनाई ताकि वह पैसे वसूल सके।’’

इससे पहले, एटीएस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर, हमने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और उसे नागपुर में पकड़ लिया।’’

भाषा शफीक नरेश

नरेश


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