Vacancy in school: सरकारी स्कूलों में 15 दिनों के भीतर होगी 3.50 लाख से अधिक पदों पर भर्ती, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता, 5वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन

Vacancy in school for Non Teaching Staff: स्कूलों में 15 दिनों के भीतर होगी 3.50 लाख से अधिक पदों पर भर्ती, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता, 5वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन

Vacancy in school: सरकारी स्कूलों में 15 दिनों के भीतर होगी 3.50 लाख से अधिक पदों पर भर्ती, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता, 5वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन

Vacancy in school: सरकारी स्कूलों में 15 दिनों के भीतर होगी 3.50 लाख से अधिक पदों पर भर्ती, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता, 5वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन / Image: AI GeneratedVacancy in school: सरकारी स्कूलों में 15 दिनों के भीतर होगी 3.50 लाख से अधिक पदों पर भर्ती, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता, 5वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन / Image: AI Generated

Modified Date: July 12, 2026 / 01:42 pm IST
Published Date: July 12, 2026 1:41 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सरकार ने 3.53 लाख पदों पर भर्ती का फैसला किया
  • विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी
  • 15 दिनों के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

लखनऊ: Vacancy in school for Non Teaching Staff प्रदेश की सरकार ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए पिटारा खोल दिया है। सरकार ने एक साथ 3.50 लाख से अधिक पदों पर भर्ती करने का फैसला किया है। सबसे अहम बात ये है कि इन पदों पर भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता नहीं तय की गई है। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

3.50 लाख से अधिक पदों पर भर्ती

Vacancy in school for Non Teaching Staff मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ​स्कूलों में रसोइयों की कमी को दूर करने के लिए 3.53 लाख रसोइयों की भर्ती करने का फैसला किया है। रिक्त पदों पर भर्ती पीएम पोषण (मिड डे मील) योजना के तहत की जाएगी। शासन की ओर से निर्देश दिया गया है कि इन पदों पर भर्ती 15 दिन के भीतर किए जाएं।

रसोइया पद पर भर्ती के लिए जरूरी मापदंड

  • रसोइया बनने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदन करने वाली महिला का बच्चा ( पोता/पोती, भाई/बहन) उसी स्कूल में पढ़ता हो।
  • रसोइयों के चयन में विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को वरीयता दी जाएगी। यदि दोनों आवेदन करती हैं, तो विधवा महिला को पहला मौका मिलेगा।
  • चयन के लिए शासन द्वारा तय रोस्टर (अनुसूचित जाति, अनारक्षित, अन्य पिछड़ा वर्ग) का पालन किया जाएगा।
  • जिस स्कूलों में छात्र संख्या कम होने के कारण केवल 1 ही पद है, वह पद अनारक्षित माना जाएगा।
  • तैयार होगी वेटिंग लिस्ट, लापरवाही पर हटाने का अधिकार
  • स्कूलों में मुख्य रसोइयों के साथ-साथ दोगुनी संख्या में रसोइयों का एक पैनल भी तैयार रखा जाएगा। यदि कोई रसोइया बीमार या अनुपस्थित होता है, तो वेटिंग लिस्ट वाले सदस्य को काम पर रखा जाएगा।
  • इसके अलावा, भोजन पकाने में साफ-सफाई की कमी, सुरक्षा मानकों में लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर स्कूल के प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट के आधार पर रसोइया को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया भी जा सकेगा।

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