मनसे का शिवसेना को समर्थन फडणवीस से उद्धव के ‘विश्वासघात’ के समान: भाजपा नेता
मनसे का शिवसेना को समर्थन फडणवीस से उद्धव के ‘विश्वासघात’ के समान: भाजपा नेता
मुंबई, 22 जनवरी (भाषा) भाजपा ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि कल्याण-डोंबिवली नगर निकाय में मनसे का शिवसेना को समर्थन दिया जाना शिवसेना (उबाठा) नेता उद्धव ठाकरे द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ 2019 में किए गए ‘विश्वासघात’ का नतीजा है।
राज्य भाजपा के मीडिया प्रभारी नवनाथ बान ने दावा किया है कि शिवसेना (उबाठा) ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के बावजूद मुंबई में राज ठाकरे की पार्टी के पार्षदों की संख्या 2017 के चुनाव की संख्या से कम हो गयी है।
उन्होंने कहा कि कल्याण-डोंबिवली के फैसले को अन्य जगहों पर भी दोहराया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोग अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री फडणवीस को विकास से जोड़ते हैं।
बुधवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) में एक नया राजनीतिक समीकरण उभर कर सामने आया, जब राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे के पांच पार्षदों ने भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की।
मनसे पार्षदों के इस फैसले को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) के लिए एक झटका माना जा सकता है, क्योंकि दोनों पार्टियों ने 15 जनवरी को हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के बहुचर्चित चुनाव एक साथ लड़े थे।
बान ने यहां राज्य भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘2019 के विधानसभा चुनावों में एक साथ चुनाव लड़ने के बाद, उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद के लिए (भाजपा नेता) देवेंद्र फडणवीस के साथ विश्वासघात किया था और अब उन्हें कल्याण में उस विश्वासघात का फल मिल रहा है।’
बुधवार को शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि केडीएमसी में हुए घटनाक्रम से राज ठाकरे ‘परेशान’ थे क्योंकि यह उनकी पार्टी का आधिकारिक निर्णय नहीं था, जबकि मनसे नेता बाला नंदगांवकर ने कहा कि नया समीकरण स्थानीय स्तर पर बनी सहमति का हिस्सा प्रतीत होता है।
राउत को को आड़े हाथ लेते हुए बान ने कहा कि यह विडंबना है कि जिन नेताओं को राजनीतिक नैतिकता की कोई समझ नहीं थी, वे अब दूसरों को नैतिकता पर उपदेश दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे और शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत को नैतिकता पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उन्होंने 2019 के चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने के बावजूद फडणवीस से मुंह मोड़ लिया था।
बान ने कहा, ‘एमएनएस ने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में विकास और हिंदुत्व के लिए भाजपा-शिव सेना महायुति को समर्थन दिया है।’ उन्होंने शिव सेना (उबाठा) पर इस मुद्दे को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, ठाणे, नवी मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों के मतदाताओं ने महायुति को स्पष्ट जनादेश दिया है।
भाजपा नेता ने कुछ धार्मिक नेताओं के समर्थन में राउत की हालिया टिप्पणियों को लेकर भी उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि शिवसेना (उबाठा) नेता की संतों के प्रति चिंता चुनावी हार के बाद ही सामने आई है।
उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (उबाठा) का नेतृत्व सत्ता में रहने के दौरान 2020 में पालघर में दो साधुओं की हत्या के बाद चुप रहा।
भाषा तान्या माधव
माधव


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