मुंबई, 24 अगस्त (भाषा) मुंबई के कुछ इलाकों में आम लोगों को सोमवार को मराठी भाषा की जानकारी से जुड़े राज्य सरकार के अभियान का विरोध कर रहे कुछ ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों की कथित गुंडागर्दी का सामना करना पड़ा।
उपनगरीय कांदिवली, मलाड (पश्चिम), सांताक्रूज, दहिसर, अंधेरी और कुछ अन्य स्थानों पर प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए।
कांदिवली (पश्चिम) के लालजीपाड़ा में वाहन चालकों ने सुबह करीब नौ बजे व्यस्त समय के दौरान सड़क पर रास्ता रोककर प्रदर्शन किया। पुलिसकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो गई।
एक समूह ने ऐप के जरिए चलने वाली टैक्सियों के चालकों समेत ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों को यात्रियों को ले जाने से रोका।
उन्होंने कथित तौर पर कुछ चालकों को यात्रियों को वाहनों से नीचे उतारने के लिए मजबूर किया।
कुछ चालकों ने यह भी शिकायत की कि प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
अरविंद राव नामक व्यक्ति ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ऑटोरिक्शा चालक जबरन यात्रियों को ऑटोरिक्शा से उतार रहे हैं।’’
ऑटोरिक्शा और टैक्सी यूनियन के एक नेता ने विरोध प्रदर्शन के लिए मराठी नहीं बोल पाने वाले कुछ चालकों में फैली घबराहट को जिम्मेदार बताया।
यूनियन नेता ने कहा कि उन्हें अपनी रोजी-रोटी खोने का डर है।
उन्होंने कहा कि ऐसे चालकों ने प्रदर्शन करने और दूसरे चालकों को यात्रियों को ले जाने से रोकने की कोशिश की।
यूनियन नेता ने कहा, ‘‘किसी भी यूनियन ने हड़ताल या आंदोलन का आह्वान नहीं किया है।’’
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उपनगरों में अलग-अलग जगहों पर कुछ चालकों ने प्रदर्शन किया, जिनमें मराठी नहीं बोलने वाले चालकों की संख्या काफी है।
उन्होंने कहा कि दिन के दूसरे पहर तक स्थिति सामान्य हो गई।
बोरीवली क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें पता चला है कि किसी ने चालकों के बीच गलत जानकारी फैलाई थी कि मराठी की कामचलाऊ जानकारी नहीं होने पर उन पर 5,000 रुपये से 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने 20 अगस्त से पूरे राज्य में चालकों की मराठी भाषा की कामचलाऊ जानकारी की जांच के लिए अभियान शुरू किया है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा था कि जरूरी स्तर की जानकारी नहीं रखने वाले चालकों को शुरुआत में भाषा सीखने का मौका दिया जाएगा।
उन्होंने कहा था, ‘‘अगर वे इसका पालन करने में विफल रहे, तो उनका लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा और लगातार नियमों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस और बैज रद्द किया जा सकता है।’’
उन्होंने जोर देकर कहा था कि इस अभियान का उद्देश्य किसी की आजीविका को प्रभावित करना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मराठी भाषा तथा राज्य की पहचान और संस्कृति सुरक्षित रहे।
बीस अगस्त को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) ने मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं रखने वाले 1,268 वाणिज्यिक यात्री वाहन चालकों, मुख्य रूप से ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों को नोटिस जारी किए थे। इसके एक दिन बाद महाराष्ट्र में मराठी नहीं बोलने वाले 1,499 चालकों को नोटिस जारी किए गए।
भाषा जोहेब अविनाश
अविनाश
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